मध्य प्रदेश : अस्पताल में न इलाज मिला, न शव वाहन, मां का शव बाइक पर बांधकर ले गए बेटे

नई दिल्ली,  मध्य प्रदेश के मेडिकल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के बाहर दिल झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। घटना बिरसा मुंडा की है। जहां एक महिला की मौत के बाद शव वाहन न मिलने की वजह से बेटों को मां के शव को बाइक पर बांधकर 80 किमी दूर अपने घर ले जाना पड़ा।

इससे पता चलता है मध्य प्रदेश में चिकित्सा की हालत बहुत खराब है। प्राइवेट शव वाहन वाले 5 हजार रुपये की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं थे। सोशल मीडिया में इसकी तस्वीर वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार लोगों और विपक्ष के निशान पर है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे सरकार के विकास की शर्मनाक तस्वीर बताया है।

मजबूर बेटों ने बताया कि अस्पताल में न इलाज मिला और न ही मौत के बाद शव वाहन उपलब्ध कराया गया। प्राइवेट शव वाहन वाले ने 5 हजार रुपए मांगें, लेकिन परिजनों के पास इतने पैसे नहीं थे। आखिरकार बेटों ने मां के शव को बाइक पर घर ले जाना सही समझा।

मृतक महिला के बेटों का आरोप है कि अनुपपुर जिले से शहडोल मेडिकल कॉलेज में अपनी मां का इलाज कराने आए थे, लेकिन यहां बेहतर इलाज नहीं मिलने से उनकी मां की मौत हो गई। इसके बाद उनको शव वाहन चाहिए था, जो मांगने पर भी अस्पताल के द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद बेटों ने 100 रुपए की एक लकड़ी की पटिया खरीदी और उसके ऊपर शव को बांधकर बाइक से 80 किलोमीटर का सफर तय कर अनूपपुर जिले के ग्राम गुड़ारू अपने घर पहुंचे।

अनूपपुर के गुडारू गांव की रहने वाली महिला जयमंत्री यादव को सीने में तकलीफ होने के कारण बेटों ने उपचार जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया था। जहां  हालत खराब होने के कारण मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। मृतका के बेटे सुंदर यादव ने जिला अस्पताल की नर्सों पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाते हुए मां की मौत के लिए मेडिकल अस्पताल प्रबनधन को जिम्मेदार ठहराया है।

 

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