सहारनपुर हिंसा के आरोप में पुलिस ने की थी मुस्लिम लड़को की बेरहमी से पिटाई, कोर्ट ने 8 लड़को को किया बरी

नई दिल्ली : (रुखसार अहमद)  पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर 10 जून को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में प्रदर्शन हुआ थ। इसके बाद यूपी पुलिस ने लगभग 85 लड़कों को गिरफ़्तार किया था।

पुलिस ने मुस्लिम लड़कों को गिरफ्तार करने के बाद जमकर पीटा था। जिन लड़कों को पुलिस ने पीटा था उनमें से आठ को सहारनपुर कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है। सहारनपुर में युवकों की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया था। पहले तो पुलिस पिटाई करने से मना कर दिया था, मिल्लत टाइम्स ने परिजनों से जब बात की तो पता चला था यूपी पुलिस झूठ बोल रही थी।

जिन लड़को की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ तो मिल्लत टाइम्स ने उनके परिजनों से बात की उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस अचनाक आई थी और बिना गलती के उठा कर ले गई।

जेल से छूटकर होकर आए मोहम्मद अली का पुलिस की पिटाई से हाथ टूट गया है। बेकसूर 18 साल के युवक मोहम्मद अली ने 23 दिन जेल में गुजारे। क्या उन पुलिस वालों को सजा मिलेगी, जिन्होंने बेकसूर युवकों को बेरहमी से पीटा था?

बता दें कि बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा और दिल्ली बीजेपी के पूर्व नेता नवीन जिंदल ने पैगंबर मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद यह विवाद अंतरराष्ट्रीय हो गया था। अरब देशों ने इसको लेकर आपत्ति दर्ज करवाई थी। नुपुर शर्मा को बीजेपी ने निलंबित कर दिया था, जबकि नवीन जिंदल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

पिछले माह 10 तारीख को शुक्रवार के दिन दिल्ली, रांची, सहारनपुर और मुरादाबाद सहित पूरे भारत के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे। दिल्ली में शुक्रवार की नमाज के बाद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की थी।

 

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