लीची की तस्वीर पोस्ट करने पर गिरफ्तारी, लेकिन सुरेश चव्हाणके के रोड ब्रेकर को मज़ार बताने पर पुलिस चुप क्यों ?

नई दिल्ली : (रुखसार अहमद) मोहसीन अंसारी ने जब लीची की तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की तो उन्हें पुलिस ने यह कहकर गिरफ्तार कर लिया कि उन्होंने हिंदू की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है।

लेकिन जब सुदर्शन न्यूज़ के चीफ सुरेश चव्हाण के ने रोड ब्रेकर की तस्वीर ट्वीट कर लिखा “सावधान- कल कोई इस पर चादर न चढ़ा दे, अब तक उन्हें लेकर ना तो कोई माडिया में खबर है, साथ ही पुलिस ने भी अभी तक उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।

सुरेश चव्हाण के इस ट्विट की सोशल मीडिया पर भी काफी आलोचना हो रही है। सुरेश चव्हाण टैग करके लोग लिख रहे है क्या अब इस पर पुलिस कार्रवाई करेगी। वहीं अब सवाल यह उठता है कि मोहसीन पर इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि वह मुसलमान था और सुरेश चव्हाण एक ऐसा पत्रकार जो खुलेआम मुसलमानों के लिए जहर उगलता है, उस पर तब भी कोई कार्रवाई नहीं होती।

पुलिस की इस कार्रवाई को हम एक तरफा कह सकता है। मोहसिन अंसारी को सजा मिली क्योंकि वह एक मुसलमान था, लेकिन सुरेश चव्हाण को लेकर अभी तक कोई एक्शन नहीं।

बता दें मोहसीन ने लीची की आधी कटी हुई तस्वीर को अपने फेसबुक एकाउंट पर साझा करते हुए लिखा कि “लीची के अंदर क्या है इसकी जांच होनी चाहिए” बस इतना लिखना था कि यूपी पुलिस हरकत में आई और मोहसीन को गिरफ्तार कर लिया गया। वही दूसरा विवाद सुदर्शन समाचार चैनल के संपादक सुरेश चव्हाणके ने सड़क पर बने ब्रेकर की तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा कि “सावधान- कल कोई इस पर चादर न चढ़ा दे। इसे लेकर अबतक कोई कार्रवाई नहीं। क्या ये मुस्लिम धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नही है?

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