हमास को आतंकवादी संगठन करार देना ब्रिटिश सरकार का अत्याचार है : फलस्तीनी गृह मंत्री

नई दिल्ली : फलस्तीनी गृह मंत्री ने इस्लामी तहरीक हमास को आतंकवादी संगठन बताने के फैसले को जालिमाना बताते हुए इसको ठुकरा दिया है। फलस्तीनी गृह मंत्री की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि हमास को आतंकवादी संगठन करार देने का फैसला इस्राईली प्रधानमंत्री नफ्ताली और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के मुलाक़ात के एक हफ्ते बाद सामने आया है। फलस्तीनी गृह मंत्री का कहना है कि ब्रिटिश सरकार का यह फैसला छेत्र में शान्ति के राह में रुकावट और ग़ज़ा में जंगबंदी को रोकने में रुकावट बनेगा।
आपको मालूम हो कि हमास को आतंकवादी संगठन करार देने के फैसले का फलस्तीनी इलाके में जबरदस्त विरोध हो रहा है। ग़ज़ा में एक हंगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई और उसमें इस फैसले की जमकर आलोचना हुई।
अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, ब्रिटिश गृह मंत्री प्रीति पटेल ने हमास पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए कहा कि हमास के पास महत्वपूर्ण आतंकवादी क्षमताएं हैं, जिसमें अहम हथियार के साथ-साथ आतंकवादी प्रशिक्षण सुविधाएं भी शामिल हैं। ब्रिटिश गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद अधिनियम के तहत हमास पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और जो कोई भी हमास के लिए समर्थन व्यक्त करेगा, वह अपना झंडा लहराएगा या कानून का उल्लंघन करते हुए संगठन के लिए बैठक करेगा उसे भी दंडित किया जाएगा।

हमास पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय गृह मंत्रालय द्वारा किया गया है और अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है। अब तक, यूके ने केवल इज़ अल-दीन अल-क़साम ब्रिगेड पर प्रतिबंध लगाया है।
हमास पर ब्रिटेन का प्रतिबंध यह स्पष्ट करता है कि गाजा में सत्तारूढ़ दल पर ब्रिटेन की स्थिति संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के अनुरूप है।इस बीच, हमास के राजनीतिक अधिकारी सामी अबू ज़हरी ने कहा कि ब्रिटिश का यह कदम इजरायल के कब्जे के खिलाफ पूर्ण पूर्वाग्रह दिखाता है और ऐसा करके ब्रिटेन ने इजरायल के ब्लैकमेल और डिक्टेशन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

दूसरी ओर फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के नेतृत्व में पश्चिमी समर्थित फिलिस्तीनी अथॉरिटी के ब्रिटिश मिशन ने भी हमास पर प्रतिबंध की खुले तौर पर निंदा की है।
गौरतलब है कि 1987 में स्थापित होने वाला संगठन हमास इजरायल के अस्तित्व से इनकार करता है और शांति वार्ता का विरोध करता आरहा है और फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर इजरायल के कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध का समर्थन करता है।
फलस्तीनी गृह मंत्री ने इस्लामी तहरीक हमास को आतंकवादी संगठन बताने के फैसले को जालिमाना बताते हुए इसको ठुकरा दिया है। फलस्तीनी गृह मंत्री की तरफ से जारी बयां में कहा गया है कि हमास को आतंकवादी संगठन करार देने का फैसला इस्राईली प्रधानमंत्री नफ्ताली और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के मुलाक़ात के एक हफ्ते बाद सामने आया है। फलस्तीनी गृह मंत्री का कहना है कि ब्रिटिश सरकार का यह फैसला छेत्र में शान्ति के राह में रुकावट बनेगा और ग़ज़ा में जंगबंदी को रोकने में रुकावट बनेगा।

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असरार अहमद मिल्लत टाइम्स हिंदी के एडिटर और न्यूज एंकर है.. सामाजिक सियासी मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्ट्स को कवर करते हैं