हिंदू लड़की से प्यार के चलते हुआ अरबाज का कत्ल, परिवार वालों ने लगाई न्याय की गुहार

नई दिल्ली: (रुखसार अहमद) कर्नाटक के बेलगावी जिले में सिविल इंजीनियर अरबाज़ के कथित तौर पर हिन्दू लड़की के साथ संबंध होने के कारण हत्या कर दी गई। अरबाज़ की उम्र 24 साल की थी।  पिछले महीने 28 सिंतबर को अरबाज आफताब का शव तीन टुकड़ो में रेलवे ट्रैक पर मिला था। जिसके बाद से उसकास परिवार हत्या का आरोप कट्टरपंथी हिंदु संगठन श्रीराम सेना पर लगा रहा था।

मृतक अरबाज़ की मां नज़ीमा शेख ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें शक है कि जिस हिंदू लड़की के साथ उनका बेटा रिलेशनशिप में था, उसके पिता ने इस हत्या करवाई है। लड़की के पिता के साथ कुछ दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग भी इस घटना में शामिल हैं। इस मामले में अरबाज की मां नज़ीमा ने तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई हैं। नज़ीमा की शिकायत पर पुलिस ने महाराज, बिरजे और लड़की के पिता पर हत्या का केस दर्ज कराया है।

नज़ीमा के अनुसार महाराज और बिरजे राम सेना संगठन के सदस्य हैं और जब वो अरबाज़ के साथ रामसेना के लोगों से मिलने गई थी तब इन दोनों ने अरबाज़ को मारने की धमकी भी दी थी। इस मामले में अभी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिसे लेकर आज हत्या बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन किया गया और श्रीराम सेना के लोगों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करने की मांगी की गई है। बता दें अरबाज़ का काफ़ी लंबे समय से एक हिंदू लड़की के साथ संबंध में था। 28 सितंबर को अरबाज़ का शव रेलवे पुलिस को खानपुर रेलवे स्टेशन के रेलवे ट्रैक के पास बुरी हालत में मिला था।

रेलवे पुलिस ने पहले तो ट्रेन से कटकर मौत होने का मामला माना। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया हैं कि अरबाज़ के सिर में छुरा घोंपा गया था जिसके कारण अरबाज़ की मौत हुई। इसके बाद यह बात साबित हुई कि अरबाज की हत्या की गई है। अब पुलिस का कहना है कि वह इस घटना में एक लड़की के साथ रिलेशनशिप के एंगल की भी जांच कर रही है। लड़की हिंदू थी और कई सालों से मृतक अरबाज़ के साथ रिलेशनशिप में थी।

अरबाज़ की मां नज़ीमा शेख जो पेशे से टीचर हैं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनका बेटा कई सालों से एक हिंदू लड़की के साथ रिलेशनशिप में था और उन्हें शक है कि जिस लड़की के साथ उनका बेटा रिलेशनशिप में था, उसके पिता ने इस हत्या को अंजाम दिया है। नज़ीमा के मुताबिक 26 सितंबर को अरबाज और वो वहां गए थे और रामसेना कार्यकर्ताओं के सामने अरबाज ने अपने फोन पर से अपनी प्रेमिका की सभी तस्वीरें हटा दी थीं। उन्होंने हमसे कुछ पैसे भी लिए थे।

नज़ीमा के अनुसार रामसेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया था कि अरबाज और उसको मारने के लिए कम से कम एक हजार लोग तैयार थे। इसपर नज़ीमा ने उनसे विनती करते हुए कहा था कि हमें शांति से जीने दें। अरबाज ने अपना सिम कार्ड भी निकाल दिया था और नया नंबर ले लिया था।

नज़ीमा के अनुसार 28 सितंबर को वो अपने पासपोर्ट के काम से गोवा गईं हुई थी और जब वो गोवा में ही थी तो अरबाज़ का फोन आया कि वो रामसेना के लोगों से मिलने जा रहा है, नज़ीमा ने उसे अकेले जाने से भी मना किया लेकिन अरबाज़ नहीं माना। जब वह लौटी तो उनका बेटा अरबाज़ घर पर नहीं था। अगले दिन पुलिस ने नज़ीमा को जानकारी दी कि अरबाज का शव रेलवे ट्रैक पर मिला हैं।

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