अपने ट्वीट के लिए कभी मांफी नहीं मांगूंगा और न ही जुर्माना दूंगा …कुणाल कामरा

नई दिल्ली (असरार अहमद )…….    कुणाल कामरा ने आत्महत्या के मामले में टीवी एंकर और रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को जमानत देने पर सुप्रीम कोर्ट पर ट्वीट करके हमला बोला था.
सुप्रीम कोर्ट की आलोचना वाले ट्वीट के लिए अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ कथित अपमानजनक ट्वीट के लिए कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस चलाने की कल अनुमति दी थी लेकिन
कॉमेडियन कुणाल कामरा ने आज एक और वीट किया और कहा कि वह न तो अपना ट्वीट हटाने जा रहे हैं और न ही उसके लिए माफी मांगे गें . कुणाल कमरा ने अपने ट्वीट में लिखा है, “मैं अपने ट्वीट को वापस लेने या उसके लिए माफी माँगने का इरादा नहीं रखता. मेरा मानना ​​है कि वे अपनों के लिए बोलते हैं.” उन्होंने ये भी लिखा, “कोई वकील नहीं, कोई माफी नहीं, कोई जुर्माना नहीं, समय की बर्बादी नहीं.”
कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों और अटॉर्नी जनरल के नाम सोशल मीडिया पर एक खुला खत लिखकर अपने गुस्से का इजहार किया है. देश की शीर्ष अदालत पर इस तरह गुस्से और कटाक्ष का इजहार करने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कुणाल कामरा को भी ट्रोल किया है.
चिट्ठी में लिखा है कि अटॉर्नी जनरल ने आठ लोगों को आपराधिक अवमानना की याचिका दायर करने की इजाजत देकर सारी हदें पार कर दी हैं. एक वकील जिसने अटॉर्नी जनरल से कामरा के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर करने की अनुमति मांगी थी, उसको जवाब लिखते हुए अटार्नी जनरल ने लिखा है, “अब समय आ गया है, जब लोग अन्यायपूर्ण तरीके से सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करने और उस पर हमला करने का न सिर्फ मतलब समझें बेल्कि जो ऐसा कर रहे हैं, वो सजा भी भुगतें.”
बता दें कि कुणाल कुमरा के खिलाफ लॉ छात्र और तीन वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

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शम्स तबरेज़ क़ासमी मिल्लत टाइम्स ग्रुप के संस्थापक एंड चीफ संपादक हैं, ग्राउंड रिपोर्ट और कंटेंट राइटिंग के अलावा वो खबर दर खबर और डिबेट शो "देश के साथ" के होस्ट भी हैं सोशल मीडिया पर आप उनसे जुड़ सकते हैं Email: stqasmi@gmail.com