ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई को शुक्रवार (10 जुलाई) कि सुबह मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके साथ ही ईरान और इराक में छह दिनों तक चले खिराज-ए-अकीदत कार्यक्रम और जुलूस भी संपन्न हो गए। सुपुर्द-ए-खाक की रस्मों से पहले इमाम रज़ा दरगाह में नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। इससे पहले उनके ताबूत को मशहद की सड़कों से ले जाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद थे।
नजफ और कर्बला से मशहद लाया गया पार्थिव शरीर
रिपोर्ट के अनुसार, इराक के पाक शहर नजफ और कर्बला में आयोजित विदाई समारोहों के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से मशहद लाया गया। दावा किया गया है कि इन दोनों शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। यह सभी कार्यक्रम ऐसे समय में हुए, जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ बताया जा रहा है।
बेटे ने पढ़ाई नमाज-ए-जनाजा
रिपोर्ट के मुताबिक, मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में खामेनेई की नमाज-ए-जनाजा उनके बड़े बेटे आयतुल्ला सैयद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई ने पढ़ाई। इस दौरान परिवार के सदस्य, मजहबी रहनुमा और बड़ी संख्या में शोकाकुल लोग मौजूद रहे। इसके बाद हेलीकॉप्टर के जरिए पार्थिव शरीर को दफन स्थल तक पहुंचाया गया, जहां सुपुर्द-ए-खाक की रस्म पूरी की गई।
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