नई दिल्ली, यूपी के मुजफ्फरनगर हिंसा से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने खतौली से बीजेपी विधायक विक्रम सिंह सैनी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मंगलावर को विधायक समेत 12 आरोपियों को 2-2 साल की साल की सजा सुनाई है।
साथ ही आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि सजा सुनाए जाने के बाद दोषी विधायक ने जमानत के लिए अदालत में अर्जी दायर की, जिसे कोर्ट नें स्वीकार करते हुए विधायक को जमानत दे दी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय की अदालत में की गई।
इस मामले में 15 अन्य आरोपी सबूतों के अभाव में बरी कर दिए गए हैं। जिले के कवाल गांव में 27 अगस्त 2013 को ममेरे भाई गौरव और सचिन का मर्डर कर दिया गया था। इसके ठीक अगले दिन वहां पर दंगा भड़क गया। भारी बवाल, आगजनी और लूटपाट के दौरान पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।
इससे वहां तनाव और बढ़ गया। मामले में जानसठ पुलिस स्टेशन के तत्कालीन इंचार्ज शैलेंद्र कुमार ने भाजपा नेता विक्रम सैनी समेत 27 लोगों पर गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया था। यह दंगा इतना बड़ा था कि शांति व्यवस्था के लिए वहां सेना को बुलाया गया। कई दिनों तक हालात बेकाबू रहे। लेकिन इस मामले में 2 साल की सजा सुनाई गई और तुंरत जमानत भी दे दी गई।
दरअसल 27 अगस्त 2013 को जानसठ थाना क्षेत्र के गांव कवाल में शाहनवाज की हत्या के बाद मलिकपुरा निवासी ममेरे भाईयों सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई थी। जिससे गांव में तनाव फैल गया था। 28 अगस्त को सचिन और गौरव की अंत्येष्टि से लोटते लोगों ने कवाल में मारपीट और तोड़ फोड़ की थी। जिसके बाद कवाल में दोनों समुदाय के लोगों के बीच बहस हो गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि 15 लोग मौके से फरार हो गये।
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