नई दिल्ली, यूपी के लखीमपुर से दो दलित बहनों की रेप कर हत्या का मामला सामने आया है। जहां दोनों बहनों की लाश पेड़ से लटकी मिली। एक तरफ योगी सरकार बेहतर कानून व्यवस्था बताती है।
कहा जाता है यूपी में महिलाएं सबसे ज्यादा सुरक्षित है। वहीं यूपी से एक के बाद एक महिलाओं से रेप की घटना समाने आ रही है। इस घटना के बाद सरकार पर सवाल खड़े हो रहे है। दरअसल लखीमपुर खीरी ज़िले में एक दलित परिवार की दो सगी नाबालिग बहनों के शव पेड़ से लटके मिलने के बाद इलाक़े में गुस्से और तनाव का माहौल है।
एक 7वीं और दूसरी 10वीं की छात्रा थी। फिलहाल पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिवार के लड़कियों को जबरन ले जाने या अपहरण के आरोप को ग़लत बताया है। दूसरी ओर स्थानीय गांव वालों और मृतक लड़कियों के परिवारवालों का कहना है कि तीन लोगों ने लड़कियों के साथ पहले बलात्कार किया और बाद में उनकी हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया है।
खबर के मुतबिक करीब 15 घंटे के बाद गुरुवार सुबह एसपी संजीव सुमन ने मीडिया में इस घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस शॉर्ट नोटिस पर है। बोले- निघासन में हुई इस घटना में लड़कियों को जबरदस्ती नहीं ले जाया गया था। आरोपी बहला-फुसलाकर उन्हें ले गए।
रेप किया और जब लड़कियां शादी की बात पर अड़ीं तो मर्डर कर दिया। भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल ने लड़कियों की बॉडीज का पोस्टमार्टम किया। वीडियोग्राफी कराई गई। पोस्टमार्टम हाउस के आगे भारी पुलिस बल तैनात था। लड़कियों के शव अब अंतिम संस्कार के लिए गांव पहुंच गए हैं। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई है।
पहले गला दबाकर दोनों बहनों की हत्या की गई, फिर फंदे पर शव लटकाया। SP संजीव सुमन बोले, “परिवार से तहरीर ली गई। परिवार ने छोटू गौतम के खिलाफ नामजद शिकायत की। ये पीड़ित के गांव के पड़ोस में रहने वाला है। 3 अज्ञात लोगों का नाम दिया। जांच के बाद 3 नाम सामने आए। ये तीनों लोग जुनैद, सुहैल और हफीजुर्रहमान हैं।
इन लोगों के बीच दोस्ती थी। सुहैल और हफीजुर्रहमान को रात में गिरफ्तार किया गया था। जुनैद को अभी थोड़ी देर पहले गिरफ्तार किया गया है। जुनैद को पैर में गोली लगी है। छोटू ने 3 युवकों सुहैल, हफीजुर्रहमान और जुनैद से लड़कियों का परिचय कराया था।
बता दें 14 सितंबर की शाम को हुई यह घटना निघासन थाना क्षेत्र के तमोलिन पुरवा गांव की है। लड़कियों की उम्र 15 साल और 17 साल बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लड़कियों की लाशें गन्ने के खेत में एक पेड़ से लटकी मिलीं। लड़की की मां ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि उन्हें शक है कि उनकी बेटियों का क़त्ल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोस के गांव के तीन युवक मोटरसाइकिल पर आए थे और उन्होंने घर के पास ही चारा काट रही दोनों बहनों को जबरन उठा लिया।
लड़कियों के पिता का कहना है कि लड़कियां दोपहर से गायब थीं। वहीं पुलिस को डायल 112 के ज़रिए करीब पांच बजकर 40 मिनट पर सूचना मिली कि दो लड़कियों के शव एक पेड़ से लटके मिले हैं। इस मामले में अपहरण और हत्या का आरोप गांव के तीन लड़कों पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायत के कहा गया है कि आरोपियों ने लड़कियों को घर के बाहर से घसीटकर बाइक पर बिठाया और अपने साथ ले गए।
इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “निघासन पुलिस थाना क्षेत्र में दो दलित बहनों को अगवा करने के बाद उनकी हत्या और उसके बाद पुलिस पर पिता का ये आरोप बेहद गंभीर है कि बिना पंचनामा और सहमति के उनका पोस्टमार्टम किया गया। लखीमपुर में किसानों के बाद अब दलितों की हत्या ‘हाथरस की बेटी’ हत्याकांड की जघन्य पुनरावृत्ति है।”
निघासन पुलिस थाना क्षेत्र में 2 दलित बहनों को अगवा करने के बाद उनकी हत्या और उसके बाद पुलिस पर पिता का ये आरोप बेहद गंभीर है कि बिना पंचनामा और सहमति के उनका पोस्टमार्टम किया गया।
लखीमपुर में किसानों के बाद अब दलितों की हत्या ‘हाथरस की बेटी’ हत्याकांड की जघन्य पुनरावृत्ति है। pic.twitter.com/gFmea4bAUc
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 14, 2022
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