नई दिल्ली,(रुखसार अहमद) यूपी के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में 23 साल के समीर को चोरी के शक में पुलिस ने हिरासत में लिया था, जहां उसको थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया और उसकी हालत खराब हो गई।
इस घटना के बाद एक बार फिर यूपी पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। समीर की हालत गंभीर बनी है और वेंटिलेटर पर भर्ती है। इससे पहले भी कस्डी में एक और मुस्लिम युवक की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समीर को हिरासत में रखकर यातनाएं दी।
जबकि पुलिस का कहना है कि समीर को दौरे पड़े, जिस वजह से उसकी हालत बिगड़ी है। फिलहाल उसका इलाज जारी है और परिजनों में पुलिस को लेकर जबरदस्त गुस्सा है।
बता दें खोड़ा निवासी समीर इंदिरापुरम क्षेत्र में एक ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी में जॉब करता है। 6 सितंबर की रात करीब 8 बजे वो जॉब करके घर लौट रहा था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। इस मामले में समीर के भाई मोहसिन का बयान सामने आया है। मोहसिन ने कहना है कि, समीर ने उन्हें फोन करके इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की अभयखंड पुलिस चौकी पर कस्टडी में होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद मोहसिन अपने दोस्त संग पुलिस चौकी पर रात में 10 बजे पहुंचा। मोहसिन का कहना है कि जब उन्होंने भाई को पकड़ने की वजह पूछी तो पुलिसवालों ने उसको भी जेल में डालने की धमकी दी। इस पर मोहसिन वहां से चला आया। 7 सितंबर की सुबह मोहसिन फिर से भाई से मिलने पहुंचा।
समीर ने उसे बताया कि पुलिसवाले उसको टॉचर्र कर रहे हैं। रात 9 बजे मोहसिन खाना लेकर पहुंचा तो पता चला कि उसके भाई समीर को यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जब समीर के परिजन इकट्ठा होकर यशोदा हॉस्पिटल पहुंचे तो जानकारी हुई कि उसकी हालत खराब है और वो वेंटिलेटर पर है। मोहसिन ने बताया कि पुलिसवाले कोई ठोस वजह नहीं बता पा रहे कि समीर को उठाया क्यों था। वे सिर्फ इतना कह रहे हैं कि समीर को कस्टडी में अचानक दौरे पड़ने लगे थे।
लेकिन इस मामले में समीर की मां का बयान आया है कि मेरे बेटे को टार्चर किया गया है। समीर की मां फिरदौस ने बताया, ‘मेरा बेटा जॉब करके रात 8 बजे तक घर पहुंच जाता है, लेकिन उस रात नहीं आया। बाद में पता चला कि मेरे बेटे को पुलिस ने उठाया है। पुलिसवाले ये कहते रहे कि अभी थोड़ी देर में छोड़ देंगे। बाद में पता चला कि मेरा बेटा अस्पताल में भर्ती है। पता नहीं पुलिसवालों ने उसके साथ क्या किया है।
पुलिस पीड़ित परिजनों से कहती रही कि आप इन्तिज़ार कीजिए थोड़ी देर में छोड़ देंगे,बेबस माँ थाने के बाहर इन्तिज़ार करती रही और फ़िर अचानक से कॉल आया कि अस्पताल आ जाइये,बेबस माँ वहां भी पहुंची तो बेटे को नही दिखाया गया अब तस्वीरें थाने में हुई पिटाई को बयां कर रही है!@India_NHRC ? pic.twitter.com/utt1Tsxaut
— Zakir Ali Tyagi (@ZakirAliTyagi) September 8, 2022
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