नई दिल्ली, राहुल गांधी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की ‘भारत जोड़ी यात्रा’ की शुरुआत कर दी है। राहुल ने पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ तमिलनाडु के कन्याकुमारी में रैली शुरू की।
3,570 किलोमीटर लंबी यात्रा से पहले, राहुल गांधी ने कन्याकुमारी में स्थित स्वामी विवेकानंद स्मारक का भी दौरा किया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इस यात्रा को राजनीति से परे बताया। वहीं कई लोग इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के आधार को मजबूत करने के लिए प्रयासों के रूप में देख रहे हैं।
वहीं द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत के प्रतीक के तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा और दोनों नेताओं ने एकता के व्यापक विषय को दर्शाते हुए तिरंगे को सलामी दी।
इससे पहले स्टालिन ने यहां उनका स्वागत किया और गांधी मंडपम पर प्रार्थना सभा में कांग्रेस नेता के साथ शामिल हुए। इस प्रार्थना सभा में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री क्रमशः अशोक गहलोत और भूपेश बघेल तथा तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. एस. अलागिरि ने हिस्सा लिया। राहुल गांधी विवेकानंद रॉक मेमोरियल भी गए। महाकवि भारती के ‘परुक्कुले नल्ला नाडु’ (हमारा देश भारत, महान), ‘एंगम शांति निलावु वेन्दम’ (हर जगह शांति हो) जैसे लोकप्रिय देशभक्ति गीत और ‘रघुपति राघव राजाराम’ जैसे भजन गाये गए।
वहीं कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, “भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, विश्वास है कि हमारे संगठन का कायाकल्प होगा। उन्होंने कहा, “मैं प्रतिदिन विचार और भावना से भाग लूंगी। इससे पहले दिन में, राहुल गांधी श्रीपेरंबदूर में राजीव गांधी स्मारक में एक प्रार्थना सभा में शामिल हुए, जहां 1991 में एक आत्मघाती बम विस्फोट में पूर्व प्रधान मंत्री की हत्या कर दी गई थी। राहुल गांधी ने भी अपने पिता को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके सामने लगभग 25 मिनट तक बैठे रहे।
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