नई दिल्ली, गुजरात सरकार ने बिल्किस बानो के आरोपियों को रिहा कर दिया है। दंगो के दौरान 11 लोगों ने बिल्किस के साथ रेप जैसी शर्मनाक हरकत को अंजाम दिया था। उन सभी को 15 अगस्त के मौके पर रिहा कर दिया है।
इस पर एआईएमआईआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि लाल किले से प्रधानमंत्री महिला संकल्प दिलाते हैं।
उनके इज्जत और अधिकारों की बात करते है। वहीं शाम तक एक महिला के आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव से पहले भाजपा ने तुष्टिकरण की राजनीति के तहत ऐसा किया है।
ओवैसी ने कहा कि गैंगरेप में उम्रकैद की सजा काट रहे आरोपियों की रिहाई से मुस्लिम समुदाय में बहुत गलत संदेश गया है। ओवैसी ने कहा कि यह फैसला नहीं, बिल्किस बानो के साथ एक बार फिर से अपराध हुआ है। इतना ही नहीं बिल्किस बानो के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने एक चैनल से बात करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि साल के अंत तक गुजरात में चुनाव होने वाले हैं। इसमें भाजपा लगातार छठवीं बार प्रदेश में अपनी सत्ता स्थापित करना चाहती है। ओवैसी ने कहा कि भाजपा एक धर्म विशेष के प्रति पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण रवैया रखती है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बात के लिए कोई भी पछतावा नहीं है।
बता दे कि बिल्किस बानों के साथ यह घटना 3 मार्च, 2002 को हुई थी। उस वक्त 21 साल की बिल्किस बानो पांच महीने की गर्भवती थी। इस दौरान उनकी छोटी बच्ची के साथ परिवार के सात सदस्यों को मार डाला गया था। साबरमती एक्सप्रेस के कोच में 59 कारसेवकों के जला दिए जाने के बाद वहां भयंकर हिंसा हुई थी। इसके बाद बिल्किस का परिवार अहमदाबाद के करीब खेतों में छुपने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान बिल्किस बानो के साथ गैंगरेप हुआ था।
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