नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर राकेश सचान के खिलाफ अपनी सजा की फाइल लेकर कोर्ट से भागने का आरोप है। कानपुर की एक अदालत ने शनिवार को सचान को एक मामले में दोषी ठहराया था।
लेकिन अदालत सजा सुनाती, उससे पहले ही मंत्री अपने वकील की मदद से दोषसिद्धि आदेश की मूल प्रति लेकर ही फरार हो गए। इतनी ही नहीं, वह जमानत मुचलका भरे बिना ही अदालत कक्ष से भाग निकले। अब कोर्ट की पेशकार ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है।
दरअसल, साल 1991 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी के नेता राकेश सचान से पुलिस ने एक अवैध हथियार बरामद किया था। इस मामले में उनके खिलाफ सशस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी केस (729/1991) में शनिवार को कानपुर की अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट -3 की अदालत में सुनवाई चल रही थी। इस दौरान अदालत ने सचान को दोषी ठहराया था।
यानी राकेश सचान को अदालत दोषी साबित करके सजा सुनाने की तैयारी में थी। इससे पहले बचाव पक्ष को सजा पर बहस शुरू करने को कहा गया। लेकिन मामले में मोड़ तब आ गया जब राकेश सचान दोषसिद्धि आदेश की फाइल लेकर ही अदालत से गायब हो गए। इसके बाद पूरे अदालत और पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
उधर, दोपहर में वकील की तरफ से कहा गया कि राकेश सचान बीमारी होने की वजह से ले गए, जबकि खुद मंत्री ने दावा किया कि केस में तारीख मिलने वाली थी, इसलिए वह अदालत से निकल आए। उनका कहना था कि अंतिम फैसले के लिए कोई मामला सूचीबद्ध नहीं था राकेश सचान ने गुपचुप तरीके से अदालत कक्ष छोड़ने के आरोपों से इनकार किया।
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