नई दिल्ली : जेल में बंद विधायक मुख्तार अंसारी को करीब 17 साल जेल में बिताने के बाद जमानत मिल गई है। यहां की एमपी-एमएलए अदालत ने मुख्तार को जमानत दे दी और उन्हें तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। मुख्तार अंसारी को साल 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में उनकी कथित भूमिका को लेकर गिरफ्तार किया गया था और वह तब से जेल में बेद थे।
पिता की रिहाई में देरी होते देखकर उनके बेटे अब्बास अंसारी मौजूदा विधानसभा चुनाव में अपनी मऊ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी पांच बार के विधायक हैं और 1996 से मऊ सदर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
बता दें कि मुख्तार अंसारी वर्तमान में उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद है और मुख्तार अंसारी पर करीब 4 दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। योगी सरकार में मुख्तार अंसारी के कई करीबियों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है और उनकी कई बिल्डिंगों पर सरकार ने बुलडोजर चलवा कर जमींदोज किया है।
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