नई दिल्ली : पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की सख्ती पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत की कश्मीर में और अधिक प्रतिबंधों की चेतावनी वाले बयान पर भी रोष जताया।
महबूबा ने कहा कि घाटी में बड़े पैमाने पर सामूहिक गिरफ्तारियां हो रही हैं। अपनी मर्जी से इंटरनेट सेवा बंद कर दी जा रही है। कश्मीर को खुली जेल में बदल दिया गया है। अब और क्या बाकी रह गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को तलाशी के नाम पर परेशान किया जा रहा है। बच्चों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। दोपहिया वाहनों को जब्त किया जा रहा है।
फिर से नए सुरक्षा बंकर स्थापित किए जा रहे हैं। महबूबा ने रविवार को ट्वीट किया कि कश्मीर को खुली जेल में बदलने के बाद बिपिन रावत का बयान कोई आश्चर्यजनक नहीं है। जम्मू-कश्मीर की स्थिति से निपटने का केंद्र सरकार का दमन ही एकमात्र तरीका है।
उन्होंने यह भी कहा कि रावत के बयान इस दावे का खंडन करता है कि घाटी में सब कुछ ठीक चल रहा है। बता दें असम में आयोजित रविकांत सिंह स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम में शनिवार को बिपिन रावत ने कहा था कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजादी को खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने घाटी की स्थिति से निपटने में लोगों के सहयोग का आग्रह किया। सीडीएस ने भारत-पाक संबंधों पर कहा कि पाकिस्तान का सरकार प्रायोजित आतंकवाद दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया में बाधक है।
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