नई दिल्ली , 13 अक्टूबर, 2021: देश में यूनानी चिकित्सा समेत आयुष की अन्य चिकित्सा प्रणालियों में शिक्षा, रोज़गार और उद्यमिता की आशाजनक संभावनाएं हैं, ये बात प्रो. आसिम अली ख़ान, महानिदेशक, केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद और सलाहकार (यूनानी), आयुष मंत्रालय ने कही। उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा के बहुत सारे शैक्षणिक संस्थान हैं जिन में स्नातक और स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम हैं। बीयूएमएस, एमडी और पीएचडी, यूनानी मेडिसिन में पीजी डिप्लोमा और यूनानी फार्मेसी (मेडिसिन) में डिप्लोमा पाठ्यक्रम हैं, जिन्हें पूरा कर उम्मीदवार केंद्र और राज्य सरकारों, शिक्षा संस्थानों और औषधीय उद्योगों में रोज़गार पा सकते हैं अथवा स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाएँ तलाश कर सकते हैं।
आयुष अवसंरचना के विकास और रोज़गार सृजन के लिए नवीनतम पहलों पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राज्य सरकारों को नए आयुष कॉलेज खोलने के लिए प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि को 9 करोड़ से बढ़ा कर 70 करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि माननीय मंत्री श्री सर्बानंद सोणोवाल के नेतृत्व में केंद्रीय आयुष मंत्रालय विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों में मौजूद स्वास्थ्य अवसंरचना में बढ़ोतरी को स्थापित करने के प्रयास कर रहा है। प्रो. ख़ान ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने ‘आयुष प्रणालियों में विविध और शानदार करियर: पूर्वोत्तर में शिक्षा, उद्यमिता और रोजगार पर नज़र’ के विषय पर गुवाहाटी में 10 सितंबर, 2021 को एक सम्मेलन का आयोजन किया और इस क्षेत्र में आयुष प्रणाली को लोकप्रिय बनाने के उद्देश से इस के बुनियादी ढाँचो के विकास पर विचार-विमर्श के लिए क्षेत्र आयुष मंत्रियों का एक ऐतिहासिक सम्मेलन 28 अगस्त, 2021 को आयोजित किया गया।
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times