नई दिल्ली, (रुखसार अहमद) 26 सितंबर को पटना में डॉ उस्मान गनी इमरत बालिका संस्थान में सिविल सेवा परीक्षा पर एक करियर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम कि शुरुआत कुरान शरीफ की तिलावत से हुई। सिविल सर्विसेज एग्जाम पर बोलते हुए मोहम्मद नौशाद अंसारी, संस्थान उपाध्यक्ष ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सिविल सेवा में पुरस्कार चुनौती और सिविल सेवा से होने वाले फायदों के बारे में पूरी जानकारी दी।
उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि सभी स्नातक इस परीक्षा को लिखने के लिए काबिल हैं। वह इस परीक्षा को आसानी से क्रैक कर सकते हैं और एक अच्छी रैंक हासिल कर सकते है। लेकिन बशर्ते वह अपनी तैयारी की बारीकी से योजना बनाएं और कड़ी मेहनत करें। यह देखा गया है कि सिविल सेवा परीक्षा में पहली रैंक आने वाले उम्मीदवारों की एक अच्छी संख्या समाज के निचले तबके से आती है। “विभिन्न सेवाओं के सिविल सेवक सरकारी विकास योजनाओं के कार्यान्वयन के पीछे अधिकारी हैं।
वह
लोग हैं जो कानून और व्यवस्था बनाए रखते हैं और जनता और सरकार के बीच एक कड़ी के रूप में काम करते है। मुख्य अतिथि श्री एम डब्ल्यू अंसारी, पुलिस महानिदेशक (सेवानिवृत्त), छत्तीसगढ़ ने ‘सिविल सेवाओं में करियर मानदंड, भूमिकाएं और अवसर’ विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा में प्रवेश करने के बाद जो गैराव, शक्ति और पद प्राप्त होता है वह अपार और आनोखा है।
इसके अलावा यह सेवा बड़े पैमाने पर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का अवसर प्रदान करती है। इस परीक्षा के लिए 10 लाख से अधिक छात्र आवेदन करते हैं। हर साल उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस साल 761 छात्रों ने इस परीक्षा को पास किया है, जिसमें से केवल 31 छात्र मुस्लिम समाज से हैं। उनकी आबादी को देखते हुए यह बहुत कम है। हमें अच्छी संख्या में गुणवत्तापूर्ण संस्थानों, बेहतर गाइडेंस और अच्छे सलाहकारों की आवश्यकता है ताकि सफलता की संभावना काफी बढ़ सके।
विशेष रूप से उन्होंने बताया कि इन सेवाओं में मुस्लिम महिलाओं की सख्या बहुत कम है। महिलाओं के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लाए बिना समुदाय सफल नहीं हो सकता। एम डब्ल्यू अंसारी ने सीमित संसाधनों में समाज के कमजोर वर्गों को शिक्षा प्रदान करने में इस संस्था के योगदान की भी सराहना की। प्रश्न-उत्तर सत्र में उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी दसवीं कक्षा से ही शुरू कर देनी चाहिए। बिहार हर साल अच्छी संख्या में सिविल सेवकों का योगदान कर रहा था और इस साल परीक्षा में टॉपर बिहार से ही है।
श्री खुर्शीद अनवर अरफी, वरिष्ठ पत्रकार, कई पु
स्तकों के मशहूर लेखक और संस्थान के माननीय अध्यक्ष ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि समुदाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए जिससे नई पीढ़ी को आधुनिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम बनाया जा सके और अन्य क्षेत्र नौकरी तैयार पाठ्यक्रम और प्रोफेशनल टीचर होना चाहिए।
यह संस्थान विभिन्न पाठ्यक्रम जैसे BCA, BBA, B Lib. Sc, DCA, करवाता है। एससी, डीसीए, डिप्लोमा इन ड्रेस डिजाइनिंग आदि जो लड़कियों को अच्छे व्यवसायों और कमाई में प्रवेश करने का बेहतर अवसर प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि संस्थान की इसी तरह के करियर गाइडलाइन कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है और राज्य के साथ-साथ यूपीएससी परीक्षाओं के लिए सिविल सेवा के उम्मीदवारों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
उन्होंने संस्थान के विकास के लिए अपना समय और ऊर्जा समर्पित करने के लिए संस्थान के सचिव इनाम खान सहित संस्थान के सभी मानद सदस्यों को शुक्रिया अदा किया। उन्होंने सभी शिक्षकों और विशेष रूप से श्रीमती रूबी निशात को दो सालों से अधिक समय तक स्वेच्छा से संस्थान को अपनी सेवाएं देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने स्वर्गीय मौलाना वली रहमानी के लिए स्वीकार किया और दुआ की पेशकश की जिन्होंने संस्थान के भवन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कड़ी मेहनत की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक व अन्य उपस्थित थे। स्वागत भाषण संस्थान की प्राचार्या श्रीमती रूपा शर्मा ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती नुजहत घोसिया ने किया।
छात्राओं ने तरह-तरह के सवाल किए और ज्ञानवर्धन किया। उन्होंने परीक्षा के लिए अध्ययन योजना का विवरण नोट किया और इस परीक्षा को लिखने के लिए गर्व महसूस किया। डॉ. उस्मान गनी इमरत गर्ल्स इंस्टीट्यूट, पटना की स्थापना और संचालन इमरत ए शरिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट बिहार द्वारा किया गया था। यह मौलाना मजहरुल हक अरबी और फारसी विश्वविद्यालय बिहार के ज्ञान संसाधन केंद्र में से एक है।
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