नई दिल्ली, (रुखसार अहमद) मशहूर इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार कर लिया है। मौलाना कलीम सिद्दीकी ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष हैं और जमीयत-ए-वलीउल्लाह के भी अध्यक्ष हैं।
मौलना कलीम को कल रात मेरठ से उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह एक समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर मुजफ्फरनगर जा रहे थे। रात 9 बजे इशा की नमाज़ के बाद वह और उनके साथी कार से घर के लिए निकले। घर पहुंचने पर परिजनों ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।
परिवार ने इसकी जानकारी मेरठ के इमाम शर्क को दी। परिजनों व दोस्तों ने तलाशी शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उसके बाद लिसादी गेट थाने पर भीड़ आ गई। हंगामा देर रात तक चलता रहा। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक एजेंसी मौलाना और उसके चार साथियों को लखनऊ ले गई है। मौलाना कलीम सिद्दीक़ी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, ATS ने पुलिस कस्टडी की मांग की थी जिसे कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया। उनके वकील अबु बक्कर ने मिल्लत टाइम्स ने बताया की उनके साथ गिरफ्तार 4 लोगों को छुड़ाने की कोशिश की जा रही है।
बता दें मौलाना कलीम सिद्दीकी उत्तर प्रदेश के फूलत के रहने वाले हैं। यूपी एटीएस लंबे समय से उनपर नजर रखे हुए थी। मौलाना कलीम किसी को उनकी मर्जी के बिना इस्लाम काबूल नहीं करवाते थे। जिन लोगों को इस्लाम की बाते समझ आती थी वह मौलना कालीम से राबता करते थे और वह उन्हीं को कलामा पढ़ाते थे। कलीम सिद्दीकी पिछले एक महीने से सुर्खियों को हिस्सा बने हुए है। 7 सिंतबर को मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी मौलाना कलीम शामिल हुए थे।
वही इससे पहले चर्चा का हिस्सा तब बने थे जब पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री सना खान का निकाह हुआ था। सना खान का निकाह कलीम साहब ने ही कराया था। ATS ने आरोप लगते हुए कहा की मौलाना कलीम सिद्दिकी अवैध धर्मांतरण का काम कर रहे थे और विभिन्न प्रकार की शौक्षणिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं की आड़ में यह सब हो रहा था। जिसके लिए विदेशों से भारी फंडिंग मिल रही थी। ATS ने मौलाना कलीम सिद्दीकी के केस को उमर गौतम से जोड़ दिया है। उन्होंने कहा है की कलीम सिद्दीकी भी उमर गौतम की तरह धर्मांतरण करते थे और उनपर बहरीन से फंडिंग लेने का आरोप लगया है।
पुलिस का कहने है की बहरीन के जिस ट्स्ट से उमर गौतम को फंडिंग मिलती थी उसी से मौलाना कलीम सिद्दीकी फंडिंग मिल रही थी। उमर गौतम को जून में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित रूप से धर्मांतरण का रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया गया था। उनके वकील का कहने है की मौलाना कलीम को भी उमर गौतम की तरह पुलिस लंबे समय तक इस केस में फंसा कर रख सकती है। पुलिस ने मौलाना कलीम पर यह भी आरोप लगया है की उनके ट्रस्ट को बहरीन से 1.5 करोड़ रुपये सहित विदेशी फंडिंग में 3 करोड़ रुपये मिले है। इस मामले की जांच के लिए एटीएस की 6 टीमों का गठन भी किया गया है। मौलाना कलीम सिद्दीकी को धर्मांतरण मामलों में आरोपी बनाया जा सकता है।
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