वाईएसआर कांग्रेस ने 8083 सीटों में से 7284 सीटें जीती हैं. बीजेपी और उसके गठबंधन सहयोगी जन सेना जिला परिषद में एक भी सीट नहीं जीत सकी, बीजेपी और उसकी सहयोगी का सूपड़ा साफ़ हो गया है ,YSR कांग्रेस ने किया क्लीन स्वीप कर दिया है।
नई दिल्ली 🙁 असरार अहमद ) आंध्र प्रदेश के निकाय चुनव में बीजेपी का सूपड़ा साफ़ हो गया है मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली (YSR) कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है. आज एलान हुए नतीजों में आखिरी रिपोर्ट के अनुसार पार्टी ने मंडल परिषद् में करीब 90 फ़ीसदी और जिला परिषद की 99 फ़ीसदी सीटों पर क्लीन स्वीप जीत हासिल की है. 515 और 7,220 सीटों के लिए 8 अप्रैल को चुनाव हुए थे.और इसके नतीजे पहले 10 अप्रैल को आने वाले थे लेकिन आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने (TDP) और बीजेपी द्वारा दायर याचिकाओं के आधार पर वोटों की गिनती पर रोक लगा दी थी.
विपक्ष ने जगन मोहन रेड्डी सरकार पर आरोप लगाया था कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की तारीख से जरूरी आदर्श आचार संहिता का पालन नहीं किया गया था.लेकिन पिछले गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने वोटों की गिनती के लिए हरी झंडी दे दी.
रविवार को शाम 7.30 बजे तक, वाईएसआर कांग्रेस ने कुल 553 में से 547 मंडल परिषद् की सीट जीत लिए थे. जिला परिषद् के नतीजे और भी चौंकाने वाले आए हैं. वाईएसआर कांग्रेस ने 8083 सीटों में से 7284 सीटें जीती हैं. बीजेपी और उसके गठबंधन सहयोगी जन सेना जिला परिषद में एक भी सीट नहीं जीत सकी, बीजेपी और उसकी सहयोगी का सूपड़ा साफ़ हो गया है ,YSR कांग्रेस ने किया क्लीन स्वीप कर दिया है।
गौरतलब है कि सिर्फ एक दशक पहले बनी वाईएसआर कांग्रेस ने हाल ही में हुए चुनावों में राज्य की 75 नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में से 74 में जीत हासिल की और सभी 12 नगर निगमों को अपनी झोली में डाल कर सबको चौंका दिया है .आप को बता दें कि 2019 में, पार्टी ने आम चुनावों में 175 विधानसभा सीटों में से १५१पर क़ब्ज़ा किया था और 25 लोकसभा सीटों में से 22 पर जीत हासिल की थी.
पार्टी अपने सपने को पूरा करने का सारा श्रेय जगनमोहन रेड्डी की सरकार द्वारा शुरू की गई ज़रूरी और अहम् योजनाओं को दे रही है. जगनमोहन रेड्डी सरकार ने महिलाओं, पिछड़े समुदायों और अल्पसंख्यकों के भला के लिए कई योजनाएं लागू की हैं.जिससे प्रदेश में जनता को फायदा हो रहा है
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times