दिल्ली: (रुखसार अहमद) कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया के लीडर अतीकुर्रहमान इन दिनों मथुरा जेल में बंद हैं। वह दिल की बीमारी से पीड़ित है। लेकिन उन्हें इलाज के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस मामले में मिल्लत टाइमस ने ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। अतीकुर्रहमान के घर मुजफ्फर नगर जिले के एक गांव रियावली नंगला जाकर परिवार वालों से बात की है। अतीकुर्रहमान के परिवार वालों ने बताया की उनकी हालत बहुत खराब है। उनकी मां का कहना है की वह 8 साल की उम्र से ही दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं। इस वक्त उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है, लेकिन इलाज के सही प्रबंध नही किए जा रहे। परिवार का कहना है की सरकार उन्हें झूठे मामलों में फंसा रही ही हैं। उनकी सरकार से यह अपील है की अतीकुर रहमान का इलाज एम्स में काराया जाए।
अतीकुर्रहमान की रिहाई की मांग को लेकर परिवार वालों और उनके वकील ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस दिल्ली में भी की हैं।
अतीकुर्रहमान के भाई मतीन ने मिल्लत टाइमस से बात करते हुए बताया की अभी तक अतीकुर्रहमान से उन्हें मिलने नहीं दिया गया। अतीक पर PFI के साथ काम करने का आरोप लगया गया था। जबकि उनके भाई ने इस बात का साफ इंकार करते हुए कहा की PFI से उनके भाई का कोई वास्ता नहीं है। सरकार अपनी कमिया छुपाने के लिए उन पर गलत आरोप लगा रही है, वह बिल्कुल बेकसूर हैं। मिल्लत टाइम्स ने गांव के प्रधान और पुर्व प्रधान समेत गांव के आम लोगों से भी अतीक के बारे में बात की। सभी ने उन्हें सादगी पंसद और तमाम आरोपों से बरी बताया।
उनके भाई बोले की वह केवल छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने का काम करते थे। बता दें अतीकुर रहमान पीएचडी के छात्र है। दरअसल रहमान ने हाथरस की पीड़िता को इंसाफ दिलाने और उसके परिवार को तसल्ली देने के लिए उसके घर जाने की कोशिश की थी। तभी यूपी पुलिस ने 2 जुलाई 2020 को उन्हें रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया था। उनके छोटे भाई ने बताया की अतीकुर रहमान को पहले जमानात पर छोड़ दिया था। लेकिन एक दिन अचनाक उन्हें पुलिस रास्ते से गिरफ्तार करके ले गई तब से अभी तक वह घर नहीं पहुंचे।
उनके परिवारों वालों का कहना है की सरकार रहमान के इलाज के लिए एम्स जाने की परिमशन दे दे। जेल के अस्पाताल में उनका सही ढ़ग से इलाज नहीं हो पा रहा है।
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