कब्रिस्तान की जमीन पर मूर्ति रख कर कब्ज़ा फिर प्रशासन पर पथराव। जानें क्या है पूरा मामला।

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12 July 2021 (Publish: 02:34 PM IST)

सुफ़यान सैफ

रामगढ : राजस्थान मेवात के रामगढ में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर एक विवाद हो गया। विवाद आगे बढ़ा तो हंगामे में तब्दील हो गया पुलिस पर भी पथराव किया गया है, इस खबर में हम आप को बताएँगे कि किस तरह भाई चारे से शुरू हुई बात विवाद में कैसे तब्दील होती है।
आप ये खबर मिल्लत टाइम्स पर देख रहे है। में हूँ सुफ़यान सैफ और इस खबर को आप तक पहुँचाने में मदद की है हमारे स्थानीय रिपोर्टर अमित भरद्वाज ने।
शुरू से बताते है।
मामला राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ तहसील का है ,गावं डोली जय कॉलोनी जहाँ कब्रिस्तान की लगभग चार एकड़ ज़मीन है गावं में ज़्यादा तर घर हिन्दू समाज के हैं,भाई चारे की बुनियादें मेवात में हमेशा से रहीं हैं। गावं के लोगों ने इसी भाई चारे के आधार पर लगभग 2006 में सेढमाता का मंदिर जैसे रूप का चबूतरा बना लेते हैं, कब्रिस्तान की ज़मीन पर चबूतरा बनाये जाने का कोई विरोध नहीं करता है , मुसलमानों ने भी इसका कोई विरोध नहीं किया बल्कि इसे हलके में लिया गया ।दिन बीतते गए चबूतरे पर मूर्ति वगेरा भी रख दी गई।

लगभग 3 – 4 महीने पहले वहां बच्चों ने खेल के लिए सफाई वगेरा की जिसमें आरोप है कि बच्चों ने मूर्ति को हटा कर कुवें में डाल दिया, मामला थाने पहुंचा और बच्चों पर कार्रवाई की गई , उन्हें सुधार घर भेज दिया गया। ये मामला यही शांत हो गया। उसी ज़मीन पर सेढ़माता मंदिर विवाद फिर से गरमाया है वजह है कब्रिस्तान की ज़मीन पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाना। बीती शुक्रवार को प्रशाशन के साथ अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे।लेकिन पास गावं केशव नगर के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया ,पत्थर बाज़ी की गई और जवाब में पुलिस ने लाठी चार्ज किया। ग्रामीण भी घायल हुए और पुलिस कर्मी भी।
मोके पर अतिरिक्त एसपी सरिता सिंह और एडीएम भी पहुंचे। प्रशाशन दल-बल के साथ मोजूद था लेकिन हिन्दू पक्ष नहीं माना , JCB पर पत्थर फेंके और उसे छतिग्रस्त कर दिया हालात काफी ख़राब हुए , एक स्थानीय पत्रकार भी कवरेज में घायल हो गया।पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
विवादित ज़मीन के कागज़ात निकाले गए तो पता चला कि 1947 से ही यह ज़मीन कब्रिस्तान के नाम से दर्ज है ,2006 में हिन्दू मुस्लिम भाई चारे के नाम पर उस ज़मीन के कुछ हिस्सों में मूर्ति रख कर पूजा शुरू कर दी गई थी जिसके बाद से ही हिन्दू समुदाय यह दावा कर रहा है कि यह भूमि हमारी है क्योंकि हमारा इस भूमि पर कब्ज़ा है। वो भाई चारा अब दिखाई नहीं दिया और कोर्ट में दावा भी कर दिया गया है कि 2006 से ज़मीन पर हमारा कब्ज़ा है इस लिए यह भूमि हमारी है फ़िलहाल कोर्ट ने उस भूमि पर स्टे देकर अगली तारीख दे दी है। मामला शांत कर दिए जाने के बाद बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद सहित कई हिंदू दल भी घटनास्थल पर पहुंचे और जय श्री राम सहित देश भक्ति नारे लगाने लगे।
अब ये समझ से परे है कि इस पुरे मामले में देश भक्ति कौन कर रहा है क्या ज़मीन पर कब्ज़ा करना देशभक्ति है या फिर पुलिस पर पथराव करना।

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