Twitter की एक और गुस्ताख़ी: जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दिखाया अलग देश

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29 June 2021 (Publish: 07:30 AM IST)

(मासूमा तलत सिद्दीक़ी ) ..अभिव्यक्ति की आज़ादी का दावा करने वाली ट्विटर पिछले कई दिनों से लगातार गलतियों के कटघरे में खड़ी है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संबंधी नए नियमों के अनुपालन को लेकर भारत सरकार के साथ जारी गतिरोध के बीच अब ट्विटर ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को एक अलग देश दिखाने की ग़लती फ़िर से कर दी है। ट्विटर वेबसाइट पर करियर खंड में ‘ट्वीप लाइफ’ शीर्षक के तहत यह स्पष्ट गड़बड़ी नजर आती है। यह दूसरा मौका है जब ट्विटर ने भारत के नक्शे को गलत तरीके से पेश किया है। इससे पहले ट्विटर ने भारत के नक्शे पर नवंबर 2020 में लेह को चीन का हिस्सा दर्शाया था। इसके अलावा ट्विटर ने 25 जून को 1 घंटे के लिए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का एकाउंट ब्लॉक कर दिया और भारत के कानून मंत्री को ही कानून पढ़ाने की कोशिश किया। आईटी नियमो के अनुपालन को तोड़ा। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा समेत पार्टी के कुछ नेताओं के कुछ पोस्ट्स पर ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ का टैग लगा दिया। ऐसा लगता है ट्विटर भारत में अब अमेरिकी कानून चलाना चाहता है इसलिए ही उसने अमेरिकी क़ानून का हवाला देकर कानून मंत्री का एकाउंट ब्लॉक किया था। खैर एक के बाद एक ट्विटर की गुस्ताखी उसकी मुसीबत की जड़ बन सकती है। इसे लेकर देशवासियों ने कड़ा विरोध जताया है और माइक्रोब्लॉगिंग मंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने एक बार फिर से वही गलती कियूं दोहराई है जबकि इसको लेकर भारत सरकार की तरफ से ट्विटर की खिंचाई तक हो चुकी है। ट्विटर ने एक बार फिर से भारतीय हिस्से को चीन का भाग बताया है। इसने भारत का जो नक्शा दिखाया है उसमें लेह-लद्दाख का बड़ा क्षेत्र चीन के हिस्से के तौर पर दर्शाया गया है। ट्विटर पहले भी इस तरह की गलती कर चुका है और जब ट्विटर से इस गलती को ठीक करने के लिए भारत की तरफ से कहा गया था तो ट्विटर ने करीब 15 दिन का समय लिया था। ट्विटर ने इस बार सिर्फ इतनी ही गलती नहीं की है बल्कि उसने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भाग को एक देश के तौर पर दर्शा दिया है। भारत की सीमाओं को लेकर ट्विटर बार बार इस तरह की गलत जानकारी दे रहा है और सरकार इसको लेकर ट्विटर पर कार्रवाई भी कर सकती है। लेह वास्‍तव में लद्दाख में है लेकिन ट्विटर ने इसे जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बताया था। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय की ओर से पहले ही ट्विटर को नोटिस जारी किया गया था। 9 नवंबर 2020 को ट्विटर के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट द्वारा जारी नोटिस में लिखा गया था कि ट्विटर लेह को लगातार जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बता रहा है। यह भारतीय संसद की संप्रभुता की भावना का उल्लंघन है क्योंकि संसद ने लद्दाख को भारत का केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया है और लेह उसका मुख्यालय है। यहां तक कि सरकार ने कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दे दी थी। सरकार ने इस हरकत को ‘भारत की संप्रभु संसद की इच्‍छाशक्ति को नीचा दिखाने के लिए ट्विटर की तरफ से जान-बूझकर की गई कोशिश’ की तरह देखा था।

जैसा कि सभी जानते हैं वर्तमान में नए सोशल मीडिया नियमों को लेकर डिजिटल क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी का भारत सरकार के साथ टकराव चल रहा है। भारत सरकार ने देश के नए आईटी नियमों की जानबूझ कर अनदेखी और कई बार कहे जाने के बावजूद नियमों के अनुपालन में नाकामी को लेकर उसकी आलोचना की है। गौरतलब है कि नए नियमों के तहत इस माइक्रोब्लॉगिंग मंच को मध्यस्थ के तौर पर मिली कानूनी राहत समाप्त हो गई है और ऐसे में वह उपयोगकर्ता द्वारा डाली गई किसी भी गैरकानूनी पोस्ट के लिये उत्तरदायी होगा। इस संबंध में ट्विटर को भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब नहीं मिला है।

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने वेबसाइट के करियर खंड में भारत के नक्शे के विरूपण के लिए उसकी कड़ी आलोचना की। वैश्विक नक्शे में जम्मू कश्मीर और लद्दाख को भारत से बाहर दिखाए जाने को लेकर लोग काफ़ी विरोध कर रहे हैं। क्योंकि वह पूर्व में भी कई मौकों पर नियमों का उल्लंघन कर चुकी है। पिछले साल अक्टूबर में ट्विटर को उस वक्त लोगों की भारी आलोचना और आपत्ति का सामना करना पड़ा था, जब उसका जियोटैगिंग फीचर केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख में शहीद सैनिकों के लिये बनाए गए युद्ध स्मारक लेह के हॉल ऑफ फेम से एक सीधे प्रसारण के दौरान “जम्मू कश्मीर, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना” दर्शा रहा था। भारत ने उस समय ट्विटर को सख्त चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि देश की संप्रभुता और अखंडता के प्रति ऐसा असम्मान पूर्णत: अस्वीकार्य है। भारत सरकार ने ट्विटर से सख़्त लहज़े में कहा था कि भारत में उसे भारतीय क़ानूनों का पालन करना ही होगा। सरकार ने ट्विटर के कुछ अकाउंट को प्रतिबंधित करने के आदेश के पालन में देरी पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की है।
नवंबर में सरकार ने ट्विटर को लेह को केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख का हिस्सा दिखाने के बजाए जम्मू कश्मीर का हिस्सा दिखाने पर नोटिस जारी किया था और इस मंच द्वारा गलत नक्शा दिखाकर भारत की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति असम्मान को लेकर उसकी आलोचना की थी।
ट्विटर की स्पष्ट निरंकुशता तब सरकार की जांच के दायरे में आ गई जब माइक्रोब्लॉगिंग मंच ने नए नियमों, जिन्हें मध्यस्थ दिशानिर्देश कहा जाता है, का पूरी तरह पालन नहीं किया। नए नियम एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय के लिये अधिकारियों की नियुक्ति करने को अनिवार्य बनाते हैं।
नए नियम 26 मई से प्रभावी हो गए हैं और ट्विटर ने, दिए गए अतिरिक्त समय के बीत जाने के बाद भी, उन अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की है जिससे उसे मिली प्रतिरक्षा खत्म होती है।
भारत सरकार के साथ बढ़ते तनावपूर्ण रिश्तों के बीच ट्विटर ने शुक्रवार को कुछ समय के लिये सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के खाते को कथित तौर पर अमेरिकी कॉपीराइट कानून के उल्लंघन पर ब्लॉक कर दिया था। इस कदम की मंत्री ने मनमाना और आईटी नियमों का घोर उल्लंघन बताकर तत्काल निंदा की थी। अभिव्यक्ति की आज़ादी चाहे बोल कर दी जाय, लिखकर दी जाय या फिर मानचित्र पर दर्शा कर, जो बात मन को ठेस पहुंचा दे, भारत की संप्रभुता और और अखंडता को ख़तरे में डाल दे वो कहीं हद तक ठीक नही है।

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