मध्य प्रदेश में मुस्लिम धार्मिक स्थलों और विशेष समुदाय की संपत्तियों पर हुए हमलों पर इम्पार ने अपनी चिंता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख कर निर्दोषों को न्याय दिलाने की मांग की
मध्य प्रदेश में मुस्लिम धार्मिक स्थलों और विशेष समुदाय की संपत्तियों पर हुए हमलों पर अपनी चिंता प्रकट करते हुए इंडियन मुस्लिमस फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म्स ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखते हुए ऐसी घटनाओं को संविधान विरोधी बताया है और ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है जो समाज में भेदभाव का वातावरण फैलाते हैं और समाज में विभाजन कारी गतिविधियों में लिप्त हैं.
इम्पार के अध्यक्ष डॉक्टर एमजे खान की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर के पास डोराना गांव समेत तीन चार स्थानों पर मुस्लिम धार्मिक स्थलों और विशेष समुदाय की संपत्तियों पर हुए हमले निंदनीय हैं. उन्होंने कहा है कि 29 दिसंबर को जो भी घटना घटी है वह संविधान विरोधी है. इम्पार ने अपने पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर के पास डोराना गांव में यह घटना तब घटी जब अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के लिए धन संग्रह अभियान के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए दक्षिणपंथी सदस्य रैली निकाल रहे थे.
इम्पार ने कहा है कि मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पीड़ितों को राहत और सुरक्षा प्रदान करने के बजाए जो लोग पीड़ित और प्रताड़ित हैं उन्हीं के विरुद्ध कार्यवाही हो रही है, जबकि वास्तविकता में अपराधियों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई करने के बजाए प्रशासन उनके साथ सहानुभूति का मामला कर रहा है और वह आजाद घूम रहे हैं. इम्पार ने कहा है कि इस तरह के हादसे से प्रभावित क्षेत्रों और उनके आसपास रहने वाले मुसलमानों में असुरक्षा और भय का वातावरण बना है, जो देश की प्रगति के लिए हानिकारक है.
इम्पार के अध्यक्ष डॉ एम जे खान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के सपने को साकार करने के लिए यह जरूरी है कि सरकार सबका विश्वास भी प्राप्त करे और यह तभी संभव हो सकता है जब न्याय होता हुआ नजर आए. इम्पार के अध्यक्ष डॉक्टर खान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे अपने पत्र में आगे कहा है कि अंतर समुदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली शक्तियों और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और वास्तविक पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए जरूरी है कि अपराधियों को तुरंत पकड़ा जाए और जो लोग निर्दोष हैं और जिन्हें हिरासत में रखा गया है उनके साथ सद्भाव का मामला हो और उनको तत्काल राहत दी जाए.
साथ ही साथ जो संपत्तियां तबाह हुई हैं सरकार उनकी भरपाई करे, ताकि प्रधानमंत्री मोदी के “सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास” के सपने जमीन पर भी साकार होते हुए नजर आएं. इम्पार के अध्यक्ष डॉक्टर खान ने कहा है कि इसी तरह से देश के अलग प्रांतों में खासतौर से दिल्ली में जो वकील दिल्ली दंगा पीड़ित लोगों का केस लड़ रहे थे उनके साथ जिस तरह से व्यवहार हो रहा है और जिस तरह से लव जिहाद के नाम पर संविधान विरोधी कानून बनाने का सरकार पर आरोप लग रहा है सरकारों को तत्काल ऐसे कदम पीछे खींचने चाहिए जो संविधान विरोधी हैं और जिससे किसी भी समुदाय में डर और भय का माहौल पैदा हो, क्योंकि ऐसे वातावरण देश की प्रगति के लिए हानिकारक हैं और देश कभी भी 5 ट्रिलियन इकोनामी के सपने को नहीं छू सकता है. देश की प्रगति के लिए जरूरी है कि देश में भाईचारा हो और प्यार और सद्भाव के माहौल को आगे बढ़ाया जाए.
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