नई दिल्ली। किसानों और सरकार के बीच गतिरोध जारी है। कृषि कानूनों को निरस्त करने तक अपने आंदोलन को तेज करने तक किसान संगठन पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। दूसरे राज्यों के किसान भी दिल्ली पहुंच रहे हैं और दिल्ली की सीमा पर बहुत बड़ी संख्या में किसान डटे हुए है। किसानों ने दिल्ली-नोएडा सीमा को बंद करने की घोषणा की है।
इस बीच, सरकार भी अपनी स्थिति पर कायम है और कहती है कि किसानों को धोखा दिया जा रहा है और कृषि कानून उनके हित में हैं। कल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कृषि कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताया और कहा कि विपक्ष किसानों को गुमराह कर रहा है और उन्हें डरा रहा है।
किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई,
किसानों के आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। याचिकाएं दिल्ली की सीमाओं पर रैली आयोजित करने और कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने के खिलाफ हैं। इसके अलावा, याचिकाओं में किसान आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और किसानों की मांगों में मानवाधिकार उल्लंघन शामिल हैं। चीफ जस्टिस एसए बोबडे , जस्टिस एएस बोपना और जस्टिस वी राम सुब्रमण्यम की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
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