नई दिल्ली (असरार अहमद) फारबिसगंज थाना छेत्र के आलम टोला वार्ड संख्या 22 में बुधवार रात को अचानक हसीना खातून के घर और दुकान में आग लग जाने से उनके जिंदगी के सारा सामान छिन गया है हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है घर और दुकान में आग लग जाने से उनके जीवन में कई मुश्किलें सामने आगयी हैं।
पति का बहुत पहले ही देहांत हो गया था हसीना खातून ही अपने बच्चों का किसी तरह खर्चा पूरा करती थी जिसके लिए घर के पास में ही एक छोटी सी दुकान बनायीं थी जब घर में आग लगी तो उस दुकान में भी लग गयी जिसकी वजह से सारा सामान जल कर राख हो गया पहली नज़र से देखने से मालूम होता है की घर और दूकान में आग लगी नहीं है ब्लकि लगायी गयी है घर जला नहीं हैं बल्कि जलाया गया है । जले हुए घर को देख कर लगता है की आग शॉर्टसर्किट से नहीं लगी है और न ही सिलेंडर के फटने से लगी है बल्कि एक शाजिस के तहत घर में आग किसी के जरिये लगवाई गयी है ।
स्थानीय प्रशासन को चहिये की पारदर्शी रूप से देखे और सही फैसला करे ताकि किसी पुरुषहीन महिला को परेशानियों का सामना न करना पड़े और उस महिला को इन्साफ मिल सके।
वही हसीना खातून ने बताया की हमने कई बार इंदिरा आवास के लिए यहाँ के स्थानीय वार्ड पार्षद को कागज दी लेकिन आज तक मुझे इंदिरा आवास नहीं मिला ,जब भी पुछा जाता है तो जवाब मिलता है की अभी काम नहीं हुआ है।
आग लगने से जब घर का सारा सामान और घर में बंधे मवेशी जल राख राख हो गए और घर में रौशनी के लिए फिर से बिजली का तार खींचने गयी तो दबंग टाइप के लोगो ने घर वालों को डराया धमकया और कहा की हम तार नहीं खींचने देंगे ।
आग लग जाने से हसीना का परिवार मुसीबत में फंसा है परिवार आर्थिक तंगी का शिकार हो गया है क्योंकि हसीना खातून के पति का बहुत पहले ही देहांत हो गया है अब घर में कोई पुरुष बाकि नहीं रहा है दुकान ही आमदनी का जरिया थी अब वह भी पूरी तहा जल कर राख हो गयी घर में रखा 25000 नगदी भी जल कर राख हो गया और कुछ जेवर भी जल गए दुकान में रखा सारा सामान जल कर राख हो गया ,गर्म कपड़े और पांच बकरियों की आग में झुलस कर मौत हो गयी। वही पीड़िता और उनकी पुत्री का रो रो कर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अभिलंब पीड़िता को सरकारी मुआवज़ा दिलवाने की अपील की है।
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