एम् निजामुद्दीन
संविधान दिवस के अवसर पर नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल अफेयर्स ने वर्चुअल संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन पूर्व मुख्य न्यायाधीश एव फीफा शासन और समीक्षा समिति प्रमुख पूर्व जस्टिस मुकुल मुदगल के साथ उपकुलपति डॉक्टर जयानंद,प्रति कुलपति डॉ विक्रम सिंह उपस्थित थे।
कार्यक्रम वेबनार के माध्यम से सम्पन्न हुआ ! नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी उपकुलपति डॉक्टर जयानंद ने बच्चों को एक सच्चे भारतीय बनने की शपथ दिलाने के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया , विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ विक्रम सिंह ने भारतीय संविधान के दीर्ध इतिहास को संक्षेप में सबको अवगत कराया ! मुख्य अतिथि एव वक्त रहे था रहे मुख्य अतिथि पूर्व न्यायमूर्ति मुकुल मुदगल ने छात्रों से रूबरू हुए और संविधान के लोकाचारों के बारे में बात की, उन्होंने कहा की और जिस तरह से इसने स्वयं को काल के अनुकूल बना लिया और साथ ही देश के नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के बारे में भी याद दिलाया, विशेष रूप से अब जब देश इस महामारी की चपेट में। उन्होंने अपने ज्ञान और विचारों को युवा दिमागों के साथ साझा किया और उन्हें जिम्मेदार नागरिक और अच्छे अधिवक्ता बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संविधान की महत्ता को दर्शाते हुए सरकार में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर प्रकाश डालते हुए मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्यायपालिका का कार्यपालिका से अलग होना तर्क संगत एव आवयशक बताया है ! न्यायमूर्ति मुकुल मुदगल ने आगे कहा की भारतीय सविधान का प्रमुख उद्देश्य एक ऐसी व्यवस्था को जनम देना है जहाँ पर भारत के सभी गरीब, निर्धन , असहाय, वंचित पिछड़े एव अनुसूचित व्यक्ति की पहुंच आसान हो ! विद्यार्थी भविष्य के अधिवक्ता है इसलिए उनका लक्ष्य धनार्जन के साथ साथ लोक कल्याण के कार्यों को करने के लिए संकल्प बध्य भी होना चाहिए !तत्पश्चात, स्कूल ऑफ लॉ एंड लीगल अफेयर्स के विभागाध्यक्ष डॉ। परंतप कुमार दास, ने माननीय मुख्य अतिथि को विशेष आभार व्यक्त दिया, कार्यक्रम के अंत में स्कूल ऑफ लॉ के सहायक प्रोफेसर श्री बैद्य नाथ मुखर्जी ने माननीय मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मुकुल मुदगल और छात्रों केI धन्यवाद ज्ञापन किया
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