लुधियाना शाहीन बाग में पीर जी हुसैन अहमद ने करवाई विश्व शांति के लिए दुआ

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17 February 2020 (Publish: 04:26 PM IST)

भारत के संविधान की रक्षा करना सभी भारतीयों के लिए जरूरी : डॉक्टर अरुण मित्रा

लुधियाना 17 फरवरी (मेराज़ आलम) : लुधियाना शाहीन बाग प्रदर्शन में अमन वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान सनाउल्लाह अंसारी, जतिंदर सूद, जमशेद अंसारी, किताबुल रहमान, मंसूर अंसारी, हदीस, शमशाद अली, मकसूद, नूर आलम, रहमत अली, सुनील कुमार, राकेश कुमार शमीम अंसारी समेत सैकड़ों महिलाओं व पंजाब अल्पसंख्यक आयोग के मैंबर अहमद अली गुडडू ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधन करते होए संविधान बचाओ मंच के डॉक्टर अरुण कुमार मित्रा ने कहा कि भारत के संविधान की रक्षा करना सभी भारतीयों के लिए जरूरी है, देश में नफरत की बातें करने वाले भूल रहे हैं की यह देश विश्व का सब से बड़ा लोकतंत्र है जिसे सत्ता में बैठ कर भी कोई राजनीति पार्टी कमजोर नहीं कर सकती। डॉक्टर गगनदीप ने संबोधन करते हुए कहा कि आज संविधान के खिलाफ की जा रही साजिश की हर तरफ से निंदा हो रही है, इस आंदोलन को जात-पात और धर्म में बांटने वाले इस प्रदर्शनकारियों की सर्व धर्म एकता को देख कर एक एक इंच पीछे हटना शुरू हो गए हैं।

लुधियाना शाहीन बाग में दलित समाज के नेता रमनजीत लाली ने कहा कि हम शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की इस कोशिश को सलाम करते है जो उन्होंने लुधियाना में शाहीन बाग बना कर सभी समुदाय के लोगों को एक जुट किया है। लाली ने कहा कि बाग में हर रंग का फूल होता है और आज पंजाब के सभी लोगों ने इस बाग को समर्थन देकर इतिहास रच दिया है। जोगिंदर राय ने कहा कि सी.ए.ए. में धर्म का नाम लेकर मोदी सरकार बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर के बनाए संविधान को तोडऩा चाहती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बताए कि यहां धर्मों कि व्याख्या क्या संविधान के मूल रूप के खिलाफ नहीं ?

वर्णनयोग है कि आज शाहीन बाग में हरियाणा से विश्व प्रसिद्द मुस्लिम सूफी संत पीर जी मौलाना हुसैन अहमद बुढिय़ा पहुंचे। पीर जी ने प्रदर्शन कारियों को कुछ नसीहतें की और फिर सभी धर्मों के लोगों के साथ पीर जी ने विश्व शांति के लिए विशेष दुआ करवाई।

नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने शाहीन बाग के छ्ठे दिन कहा की देश के प्रधानमंत्री की ओर से सरकार के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ धर्म के आधार पर संबोधन करना राष्ट्र के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों ने तो 1947 में मुस्लिम लीग के मुहम्मद अली जिन्ना की बात मानने से इंकार करते हुए पाकिस्तान का विरोध किया था। नायब शाही इमाम ने कहा कि शोशल मीडिया में आई.टी. सेल वाले जो मर्जी भरम फैलाएं जमीन की हकीकत यह है कि हम सभी हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दलित एक साथ है और रहेंगे ।

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