नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्र को एक डिटेल रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह बड़ी ही तेजी से चीन वहां पर मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहा है और अपने जवानों को ला रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की इस रिपोर्ट में पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी, पैंगांग झील जैसे इलाकों में चीन के मूवमेंट की जानकारी का विस्तार से जिक्र किया गया है।
3-4 दिन से एलएसी के पास गतिविधियां कम हुईं
चीन की सेना की गतिविधियां एलएलसी के करीब बेहद कम हो चुकी है। यानी कोई बड़ी गतिविधि चीनी सेना की ओर से देखने को नहीं मिली है। सूत्रों ने बताया कि चीन की सेना के जवान पिछली पोजिशन के मुकाबले अब सौ यार्ड पीछे खिसक चुके हैं। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसा कोई आक्रामक रवैया भी नहीं दिखाया है। न ही सैनिकों की संख्या में किसी तरह का इजाफा देखने को मिला है।
6 जून को फिर दोनों देशों की सेनाओं में बैठक
सीमा विवाद के बीच भारत-चीन में 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत होगी। न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से 14वीं बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह चर्चा में शामिल होंगे।
न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच मंगलवार को भी बातचीत हुई थी। लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर अब तक 10 बार चर्चा हो चुकी है।
आईटीबीपी ने भारत-चीन सीमा की देखभाल के लिए 2 नए हेडक्वार्टर बनाए
इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) ने गुरुवार को चंडीगढ़ और गुवाहाटी में दो कमांड हेडक्वार्टर बनाने का आदेश जारी किया है। चंडीगढ़ हेडक्वार्टर का नेतृत्व आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे जो एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) के रूप में काम करेंगे। वह लद्दाख, लेह और श्रीनगर के इलाकों की देखभाल करेंगे। गुवाहाटी सेक्टर उत्तर-पूर्वी भागों की देखरेख करेगा। पिछले साल अक्टूबर में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 60 अतिरिक्त पदों के साथ आईटीबीपी के लिए दो नए हेडक्वार्टर को मंजूरी दी थी।
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