रईस अहमद सलमानी जिला प्रधान ऑल इंडिया जमात ए इस्लामी बिरादरी लुधियाना रजिस्टर्ड।
मेराज आलम ब्यूरो: कोरोना वायरस को खत्म करने और उसकी चैन तोड़ने के लिए सरकार, प्रशासन, सभी राजनीतिक पार्टियां, सभी धार्मिक और सामाजिक संगठन और देश वासी मिल कर प्रयास कर रहे हैं।
पर सभी प्रयासों के बावजूद 100% सोशल डिस्टैंस बनाने में सफल नहीं हुए ।इस के अनेक कारण हैं।
इलाका प्रधान या कौसलरों के द्वारा राहत सामग्री बांटना
केसे मज़दूरों, जरूरत मंदो और प्रवासियों के द्वारा राशन लेने के टाइम उनसे राशनकार्ड या वोटर कार्ड मांगना और नहीं होने पर राहत सामग्री नहीं देना।
भूख, प्यास, और मजबूरी में बाहर निकलने पर प्रशासन के द्वारा उनकी परेशानी को नहीं सुना जाना।
जब मजबूर गरीब, मजदूर, प्रवासी लोग दवाई और पापी पेट को भरने की आशा के साथ घर से निकले उनको जिल्लत और डंडों के सिवाय कुछ नहीं मिला।
कुछ मकान मालिकों के द्वारा मजदूरों और प्रवासियों को विश्वास में नहीं लेना और उनको डराना।
सरकार के द्वारा प्रवासी मजदूरोंको विश्वास में नहीं लेना और उनतक और उनके अपने गांवों में रह रहे परिवारों को एक महीने का राशन पहुंचाने के साथ आगे भी कोई कमी नहीं आने देने के लिए विश्वास में नहीं लेने और पी जी में रह रहे विद्यार्थियों और नोकरी पैसा लोगों को अचानक लोकडाऊन से 15 दिन पहले से अलर्ट रहने या अपने घरों को जाने के लिए नहीं कहना है।
इन सभी कारणों के चलते लोग भूखे प्यासे अपनी जान जोखिम में डालकर कई कई सों किलोमीटर पेदल चलकर अपने घरों में जाने के लिए मजबूर हुए पर सोशल डिस्टैंस नहीं रखने और सामूहिक इकट्ठे हो कर जाने पर अपनी अपने परीवार की जान के जोखिम के साथ साथ सभी देशवासियों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं।
सरकार और राजनीतिक पार्टियां अपना वोट बैंक और पार्टी प्रचार छोड़कर इस संकट के समय में मजदूर और प्रवासी वर्ग और जरूरतमंद गरीब वर्ग में राशन और राहत पैकेज पहुंचाकर लॉक डाउन और कर्फ्यू को कोरोना जेसे घातक वायरस के खिलाफ लड़ाई में कामयाबी मिल सकती हैं।
रईस अहमद सलमानी ने सभी मजदूर ,प्रवासी और सभी देशवासियों से अपील करता हूं कि सभी अपने घरों में रहकर सरकार और प्रशासन की हिदायतों को मानते हुए अपने कर्त्तव्यों का पालन करें।
रहीस अहमद सलमानी जिला प्रधान ऑल इंडिया जमात ए इस्लामी बिरादरी लुधियाना रजिस्टर्ड।
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