मध्य प्रदेश: सूखे की आशंका में नाबालिग लड़कियों को निर्वस्त्र घुमाया, भीख मंगवाई

Girl
admin

admin

08 September 2021 (Publish: 12:10 PM IST)

नई दिल्ली, (रुखसार अहमद)  मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक गांव से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। यहां बारिश के देवता को खुश करने के लिए 6 बच्चियों को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया गया। इतना ही नहीं लड़कियों को घरों में भीख मांगने पर भी मजबूर किया गया।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मामले में संज्ञान लेते हुए दमोह जिला प्रशासन से इस घटना की रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र के दमोह जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर जबेरा थाना क्षेत्र के बनिया गांव में रविवार को यह घटना हुई। वीडियो में करीब पांच साल की उम्र की छह लड़कियां नग्न अवस्था में चलते हुए दिखाई पड़ रही हैं।

लड़कियों के हाथ में एक लकड़ी की छड़ी भी है, जिसमें मेंढ़क बंधा हुआ दिखाई पड़ रहा है। इन लड़कियों के साथ-साथ कुछ महिलाएं भी चल रही हैं और दैवीय गीत गाती दिख रही हैं।

यह घटना सामने आने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। जिले के एसपी डीआर तेनीवार का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है, अगर लड़कियों से जबरन ऐसा करवाया गया है तो इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिलाधिकारी एस कृष्णा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

किसी भी ग्रामीण की ओर से अभी तक इसके खिलाफ शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि जिले में जागरूकता की कमी के कारण यह घटना हुई है।  जानकारी के मुताबिक, सूखे की स्थिति के चलते बारिश ना होने के कारण पुरानी मान्यता के मुताबिक गांव की छोटी-छोटी बच्चियों को नग्न कर उनके कंधे पर मूसल रखा जाता है। इस मूसल में मेढक को बांधा जाता है।

बच्चियों को पूरे गांव में घुमाते हुए महिलाएं पीछे-पीछे भजन करती हुई जाती हैं और रास्ते में पड़ने वाले घरों से यह महिलाएं आटा, दाल या अन्य खाद्य सामग्री मांगते हैं और जो भी खाद्य सामग्री एकत्रित होती है उसे गांव के ही मंदिर में भंडारा के माध्यम से पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस प्रकार की कुप्रथा करने से बारिश हो जाती है।

अधिकारी ने कहा कि इन लड़कियों के माता-पिता भी इस घटना में शामिल थे। अंधविश्वास के तहत उन्होंने ऐसा किया। इस संबंध में किसी भी ग्रामीण ने कोई शिकायत नहीं की है। जिला कलेक्टर ने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन केवल ग्रामीणों को इस प्रकार के अंधविश्वास की निरर्थकता के बारे में जागरूक कर सकता है और उन्हें समझा सकता है कि इस तरह की प्रथाओं से वांछित परिणाम नहीं मिलते हैं। इस बीच, घटना के दो वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें बच्चियां निर्वस्त्र दिखाई दे रही हैं।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times
Scroll to Top