शहनवाज हुसैन,मधेपुरा:एक तरफ केंद्र सरकार और बिहार सरकार कोरोना से जंग लड़ रही है. कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बढ़ते खतरे के मद्देनजर बिहार में सभी स्कूल, कॉलेज, और कोचिंग संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों पार्क, चिड़ियाघर व सिनेमाघरों को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है. लगभग सभी तरह की परीक्षाओं को स्थगित किया जा रहा है. सरकार द्वारा इस कोरोना को महामारी घोषित कर दिया गया है. लेकिन अभी भी कई विद्यालय है जो केंद्र और बिहार सरकार को ठेंगा दिखा विद्यालय को नियमित रूप से चला रहे है. ऐसा ही मामला सदर प्रखंड के महेशुआ पंचायत के बिरैली बाजार का है.
विद्यालय प्रधान सरकार के किसी आदेश को मानने को तैयार नही है. इस बाबत जब यूबी पब्लिक स्कूल के प्रधान चंदन कुमार से पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया कि अभी एग्जाम चल रहा एग्जाम के बाद बंद कर दूंगा. जबकि बीआरसी के आशीष कुमार ने बताया कि सभी विद्यालय को बंद करना था अगर कोई बंद नही किया है तो उसे विद्यालय बंद करने के लिए कहा जायेगा. हालांकि बाद में यह भी कहा गया कि आज के बाद विद्यालय नही चलेगी. इस बात की जानकारी बीईओ को भी दे दी गई है. ऐसा नही है कि सिर्फ एक यही विद्यालय बिरैली बाजार में खुला है. कई अन्य विद्यालय भी इस क्षेत्र में खुले है.
इस सम्बन्ध में जिला शिक्षा पदाधिकारी गिरीश कुमार ने कहा इतने सवेदनशील मामलो में भी विद्यालयों के प्रधान द्वारा मनमानी करना गलत है. जो भी विद्यालय अगर कक्षा का संचालन करते है उन पर एफआईआर करवाया जाएगा. वैसे इस मामले की जांच करवाई जाएगी.
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