कृषि संबंधी कानून बनाने का अधिकार किसान समीतियों को दिया जाए

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30 December 2020 (Publish: 07:38 AM IST)

मजलिस अहरार इस्लाम ने अपने 91वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रस्ताव पारित किया

लुधियाना, 29 दिसंबर (मेराज़ आलम ब्यूरो रिपोर्ट) ………….भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ वर्षों तक आंदोलन चलाने वाली स्वतंत्रता सेनानियों की पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के आज 91वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मांग की है कि कृषि संबंधी कोई भी कानून बनाने का अधिकार देश की किसान समीतियों को दिया जाए। वर्णनयोग है कि स्वतंत्रता सेनानियों के संगठन मजलिस अहरार इस्लाम हिंद की स्थापना 29 दिसंबर सन् 1929 को प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मौलाना हबीब उर रहमान प्रथम लुधियानवी ने की थी, अहरार के सभी नेताओं ने 10 -10 साल की सजा देश की आजादी के लिए काटी है और स्वतंत्रता संग्राम में इस पार्टी के अनेक सदस्यों ने शहादत दी। अंग्रेज सरकार के खिलाफ जन आंदोलन करते हुए समय-समय पर दो लाख अहरार कार्यकर्ता गिरफतार हुए थे और अहरार पार्टी के नेताओं ने देश की आजादी के समय विभाजन की मुखालफत करते हुए पाकिस्तान बनाने का विरोध किया था, आज लुधियाना जामा मस्जिद में हुए स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा की देश का किसान अपनी मर्जी का कानून चाहता है। स्वतंत्रता संग्राम में भी किसानों ने बड़ा योगदान डाला था। केंद्र सरकार को चाहिए के एक विशेष अध्यादेश द्वारा देश भर की किसान समितियों का एक आयोग स्थापित करके किसान संबंधी सभी कानून बनाने का अधिकार किसानों को ही दे। उन्होंने कहा कि दुख की बात है की किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकारी मीडिया नई-नई झूठी खबरें बनाकर टी.वी पर प्रसारित कर रहा है जो कि शर्म कि बात है। मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि किसानों का आंदोलन किसी धर्म विशेष का नहीं हमारे अपने देश की मिट्टी का आंदोलन है इसको कोई आम धरना प्रदर्शन ना समझ कर केंद्र सरकार आदर के साथ समाप्त करवाने की पहल करें। शाही इमाम ने कहा की आज समय आ गया है कि देश में उन गद्दारों को भी बेनकाब किया जाए जो कि देश विरोधी ताक़तों के गुलाम बने हुए है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व समुदाय के लिए प्रेरणा है यहां से सर्व धर्म के लोगों को एक दूसरे के साथ प्रेम और सदभावना से रहने की सीख मिलती है। शाही इमाम ने कहा कि हर भारतीय को अपने देश के लोकतंत्र की रक्षा करनी है। इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना मुहममद उस्मान लुधियानवी, गुलाम हसन कैसर, मौलाना आरिफ कासमी, कारी मुहममद मोहतरम, मुहममद मुस्तकीम ने भी संबोधन किया।

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