ट्रूडो ने एक भारतीय मूल के मुस्लिम न्यायाधीश के नामांकन की घोषणा की है, और कनाडा के 146 साल के इतिहास में, कनाडा के सर्वोच्च न्यायालय में केवल सफ़ेद फाम ही न्यायाधीश हुए हैं।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को ट्वीट कर बताया कि देश के सर्वोच्च न्यायालय में एक स्याह फाम व्यक्ति को न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। महमूद जमाल को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है, जो इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले मुस्लिम भी होंगे।
कनाडा के 146 साल के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी स्याह फाम व्यक्ति या मुसलमान को देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। यह एक नए बदलाव का संकेत है, क्योंकि अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ गोरे जजों की ही नियुक्ति हुई है।
ट्रूडो ने एक ट्वीट में महमूद जमाल की नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “वह सर्वोच्च न्यायालय के लिए एक क़ीमती संपत्ति होंगे … और इसलिए आज मैं अपने देश के सर्वोच्च न्यायालय के लिए उनके ऐतिहासिक नामांकन की घोषणा कर रहा हूं।”
कौन हैं महमूद जमाल
महमूद जमाल 2019 से ओंटारियो कोर्ट ऑफ अपील के जज हैं। इससे पहले, उन्होंने कनाडा के दो शीर्ष लॉ कॉलेजों में पढ़ाया और लगभग एक दशक तक वकील के रूप में भी काम किया। वह 35 मामलों की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में हाज़िर रहे हैं।
जमाल का जन्म 1967 में केन्या के नैरोबी में एक भारतीय मूल के परिवार में हुआ था। 1981 में कनाडा जाने से पहले उनका पालन-पोषण यूके में हुआ था।वह 1 जुलाई से सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश का पद ग्रहण करेंगे।
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