नई दिल्ली (Shayan ashkar ) : इस बात का कोई सबूत नहीं कि अगर अफगानिस्तान में और समय ठहरते तो कुछ बदल जाता-अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन
अफगानिस्तान से सेना की वापसी के मुद्दे से निपटने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों का विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को पुरजोर तरीके से बचाव किया। अफगानिस्तान मामले पर संसद की समिति के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान सोमवार को ब्लिंकन ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अधिक समय तक ठहरने से अफगान सुरक्षा बल या अफगान सरकार को और अधिक मजबूती मिलती या वो आत्मनिर्भर हो जाते।
साथ ही कहा कि अगर समर्थन, उपकरण और प्रशिक्षण में 20 साल और सैकड़ों अरब डॉलर पर्याप्त नहीं थे, तो एक और साल, या पांच या दस साल से क्या फर्क पड़ेगा? हमारा फैसला सही था हम नहीं चाहते हमारे सैनिक वहा मरें। अफगानिस्तान के घटनाक्रम के संबंध में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में सुनवाई होनी है। ब्लिंकन सोमवार को संसद की विदेश मामलों की समिति के समक्ष पेश हुए।
अफगानिस्तान को 64 मिलियन अमरीकी डॉलर की मदद देगा अमेरिका
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसी साल अप्रैल में अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी का ऐलान किया था। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बीच तालिबान ने बेहद कम दिनों में अफगानिस्तान पर नियंत्रण हासिल कर लिया, जिसे लेकर अमेरिकी सांसदों ने बाइडेन प्रशासन की आलोचना की थी। वहीं कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान के लोगों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने, महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए नई मानवीय सहायता के रूप में लगभग 64 मिलियन अमरीकी डॉलर दे रहा है।
अफगान लोगों को मानवीय सहायता का समर्थन करना जारी रखेगा अमेरिका
साथ ही कहा कि अमेरिका प्रतिबंधों के अनुरूप अफगान लोगों को मानवीय सहायता का समर्थन करना जारी रखेगा। ये सहायता सरकार के माध्यम से नहीं बल्कि गैर सरकारी संगठनों और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों जैसे स्वतंत्र संगठनों के माध्यम से होगी। अमेरिका के अलावा संयुक्त राष्ट्र ने भी अफगानिस्तान में मानवीय अभियान का समर्थन करने के लिए दो करोड़ अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की है।
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