मिल्लत टाइम्स,हैदराबाद:तेलंगाना में मार्च में आयोजित हुई माध्यमिक परीक्षा में करीब तीन लाख विद्यार्थी फेल हो गए। 18 अप्रैल को घोषित हुए परिणामों के बाद से अब तक 18 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। अभिभावकों ने सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से इस मामले की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। उधर, मंत्रालय ने माना कि मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है।
हाईकोर्ट में केस दर्ज, मानवाधिकार आयोग में शिकायत
मार्च में आयोजित हुई इस माध्यमिक परीक्षा के परिणाम 18 अप्रैल को घोषित किए गए। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदेशभर में लोगों ने इस पर असहमति जताई। फेल होने वाले सैकड़ों विद्यार्थी ऐसे भी हैं जिन्हें कुछ विषयों में उत्तीर्ण होने के लिए आवश्यक अंकों से ज्यादा अंक भी मिले हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अलावा सरकार के प्रति भी लोगों में खासा रोष देखने को मिल रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट में एक केस दर्ज किया गया। मानव अधिकार आयोग में शिकायत की गई।
शुरुआत में शिक्षा मंत्रालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल और सरकार ने अभिभावकों के आरोपों को नकारने का प्रयास किया। मगर मुख्यमंत्री केसीआर के दफ्तर के सामने विरोध होने पर इस मामले पर ध्यान दिया गया।
कुछ अंकसूचियां ऐसी हैं, जिनमें विद्यार्थी को फेल बताया गया है मगर उसे अंक पास होने की आवश्यकता से कहीं ज्यादा मिले हैं।
मंत्रालय ने माना कि मूल्यांकन में चूक हुई है। तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसमें हैदराबाद, बिट्स और आईआईटी के सदस्य शामिल हैं। यह लोग इस मामले को देखेंगे। डाटा एंट्री और अंकसूची को फिर से मिलाया जाएगा।
(इनपुट भास्कर)
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