भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है. वह कांग्रेस उम्मीदवार और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को चुनौती देंगी.
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को उम्मीदवारों की 22वीं सूची जारी की, जिसमें उनके नाम की घोषणा की गई. इस सूची में मध्य प्रदेश की चार सीटों की घोषणा की गई है.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सीट विदिशा से रमाकांत भार्गव को टिकट दिया गया है. गुना से के.पी. यादव और सागर से राज बहादुर सिंह को टिकट दिया गया है.
29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगाँव में हुए दो बम ब्लास्ट के बाद साध्वी प्रज्ञा को अभियुक्त बनाया गया था. इस धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी और तकरीबन 101 लोग घायल हुए थे. फ़िलहाल साध्वी प्रज्ञा इस मामले में ज़मानत पर हैं.
भड़काऊ भाषणों के लिए प्रसिद्ध प्रज्ञा ठाकुर हिंदूवादी संगठन अभिनव भारत और दुर्गा वाहिनी से जुड़ी रही हैं.
उनको उम्मीदवार बनाए जाने की जब अटकलें चल रही थीं उन्होंने तब कहा था, “मैं देश के दुश्मनों के ख़िलाफ़ लड़ाई के लिए तैयार हूं.”
साध्वी प्रज्ञा, मध्य प्रदेश के भिंड की रहने वाली हैं. भोपाल में बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैंने औपचारिक रूप से बीजेपी जॉइन कर ली है. मैं चुनाव लड़ूंगी और बिल्कुल विजयी रहूंगी. यह मेरे लिए बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है.”
प्रज्ञा ठाकुर के ख़िलाफ़ कांग्रेसी उम्मीदवार दिग्विजय सिंह उम्मीदवार हैं. दिग्विजय सिंह आरएसएस और हिंदुत्व के ख़िलाफ़ कड़े शब्दों में बोलते रहे हैं. वो 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं.
भोपाल से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के कई सप्ताह बाद बीजेपी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा की है.
चुनाव में बीजेपी ध्रुवीकरण की राजनीति क्यों अपना लेती है
हिंदुत्व पर आक्रामक होते मोदी-योगी-शाह
ऐसी अटकलें थीं कि उनके ख़िलाफ़ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन शिवराज सिंह का कहना था कि वह केंद्र की राजनीति में जाने के इच्छुक नहीं हैं.
इसके बाद कई और नाम चल रहे थे जिनमें से एक बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी था.
Support Independent Media
Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.
Support Millat Times