समझौता ब्लास्ट केस मे असीमानंद समेत सभी चार आरोपियों को विशेष अदालत ने किया बरी

admin

admin

20 March 2019 (Publish: 06:03 PM IST)

मिल्लत टाइम्स,पंचकुला:पानीपत के दीवाना स्टेशन के पास 12 साल पहले हुए समझौता ट्रेन ब्लास्ट मामले में पंचकूला की स्पेशलएनआईए कोर्टने बुधवार को असीमानंद समेतसभी चारों आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने सबूतों के अभाव मेंमुख्य आरोपीअसीमानंद के अलावालोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंद्र चौधरी को भी बरी कर दिया है। अदालत ने इस मामले में11 मार्च को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी।

इस मामले में पहले 14 मार्च को फैसला आना था, लेकिन पाकिस्तानी नागरिक राहिला वकील ने एक याचिका दायर कर कुछ और चश्मदीदों के बयान रिकॉर्ड करने की अपील की। इस पर अदालत ने कहा कि चश्मदीदों को 6 बार समन भेजा गया, लेकिन वह नहीं आए। अदालत ने इस याचिका को भी खारिज कर दिया था।एनआइए ने मामले में कुल 224 गवाहों को पेश किया, जबकि बचाव पक्ष ने कोई गवाह नहीं पेश किया।

लाहौर जा रही थी समझौता एक्सप्रेस

दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में 18 फरवरी 2007 को पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन के पास धमाका हुआ था। इस धमाके में दो बोगियों में आग लग गई थी, जिसमें 68 लोग जिंदा जल गए थे। मरने वालों में ज्यादातार पाकिस्तान के रहने वाले थे। पुलिस को मौके से दो सूटकेस बम मिले, जो फट नहीं पाए थे। ऐसा कहा गया कि दो लोग ट्रेन में दिल्ली से सवार हुए थे और रास्ते में कहीं उतर गए। इसके बाद धमाका हुआ।

इंदौर से गिरफ्तार हुए थे दो संदिग्ध
15 मार्च 2007 को हरियाणा पुलिस ने इंदौर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। यह इन धमाकों के सिलसिले में की गई पहली गिरफ्तारी थी। पुलिस इन तक सूटकेस के कवर के सहारे पहुंच पाई थी। ये कवर इंदौर के एक बाजार से घटना के चंद दिनों पहले ही खरीदे गए थे। इसके बाद 26 जुलाई 2010 को मामला एनआइए को सौंपा गया था। स्वामी असीमानंद को आरोपी बनाया गया।

2011 में दायर हुई थी पहली चार्जशीट
एनआइए ने 26 जून 2011 को पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। पहली चार्जशीट में नाबा कुमार उर्फ स्वामी असीमानंद, सुनील जोशी, रामचंद्र कालसंग्रा, संदीप डांगे और लोकेश शर्मा का नाम था। आरोपियों पर आईपीसी की धारा (120 रीड विद 302) 120बी साजिश रचने के साथ 302 हत्या, 307 हत्या की कोशिश करना समेत, विस्फोटक पदार्थ लाने, रेलवे को हुए नुकसान को लेकर कई धाराएं लगाई गई।

Support Independent Media

Click Here and Join the Membership of Millat Times to Support Independent Media.

Support Millat Times
Scroll to Top