एम कैसर सिद्दीक़ी/मिल्लत टाइम्स,सीतामढ़ी:सीतामढ़ी जिला के नानपुर प्रखंड के अंतर्गत रायपुर गांव की हालात आजादी के 71 सालों बाद भी वही है जो आजादी से पहले थी बड़े-बड़े नेता आए और आकर चले गए एक से बढ़कर एक वादा किए हैं और चले गए भाषणों में तो बहुत कुछ हुआ लेकिन अगर कुछ नहीं हुआ तो रायपुर गांव का विकास
अभी तक न जाने कितने सांसद और कितने विधायक सीतामढ़ी की धरती पर आए और अपना कार्यकाल पूरा करके चले गए कई बार नेताओं ने गांव का भ्रमण भी किया और कई बार नेता यहां आते जाते रहे हैं परंतु उसे यहां की बदहाली शायद नजर नहीं आई

क्षेत्रीय नेता को छोरीये बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव कई बार चुनाव प्रचार करने के लिए रायपुर की धरती पर आए और अपना चुनाव प्रचार करके चले गए वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी रायपुर की धरती पर अपना चुनाव प्रचार करने 2014 में आए और फिर वही हुआ अपना चुनाव प्रचार करके पूरे बिहार का विकास गिना करके चले गए लेकिन वह जहां पर चुनाव प्रचार कर रहे थे वहां की बदहाली शायद उसे नहीं दिखाई दी या फिर उसके क्षेत्रीय नेताओं ने उन्हें रायपुर की बदहाली के बारे में नहीं बताया या फिर संसद भवन रायपुर की बदहाली को नहीं बताया शायद यही कारण है कि आज भी रायपुर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
(क्या कहती हैं रून्नीसैदपुर से आरजेडी विधायक मंगीता देवी)
मिल्लत टाइम्स के एडिटर M Qaisar Siddiqui से बात करते हुए रुन्नीसैदपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मंगीता देवी ने कहा की हमने रायपुर के समस्याओं पर विधानसभा में क्वेश्चन किया है और जल्द ही हम वहां की समस्याओं को दूर करेंगे आपको बता दें की विधायक मंगीता देवी 2 साल पहले भी यहां का भ्रमण कर चुके हैं और उस समय भी उन्होंने यही आश्वासन दिया था पर अभी तक यहां पर कोई काम शुरू नहीं किया गया है
(RJD से रून्नीसैदपुर की विधायक मंगीता देवी से,मिल्लत टाइम्स के एडिटर एम कैसर सिद्दीकी बात करते हुए)
इस समस्याओं को लेकर अब्दुल मजीद और मोहम्मद डबलू जी के नेतृत्व मे कौड़ियां रायपुर पंचायत के लोगों ने माननीय विधायक रून्नीसैदपुर और तथा बाजपट्टी दोनों को आवेदन भी दिया गया पर किसी नेता ने कोई काम नहीं किया बस मिला तो सिर्फ आश्वासन ही

(अब्दुल मजीद द्वारा विधायक को दिया गया आवेदन)
वैसे तो सभी स्तरों से रायपुर का विकास पिछड़ा हुआ है लेकिन जिस में कुछ मुख्य है
रायपुर कि वह सरके जो एक जिला से दूसरे जिला को जोड़ती है उस सड़क का यह हाल है तो लोग पांव पैदल नहीं चल पा रहे हैं दो-दो फीट के गड्ढे और उसके ऊपर पानी के साथ साथ कीचड़ भी कुछ कम नहीं है और ना ही सड़क के किनारे नाली है जिसके कारण एक घंटे की बारिश मे सड़क तालाब मे तब्दील हो जाता है, यह वह मुख्य सर के हैं जो मोहनी से रायपुर होते हुए नया नया टोल को जोड़ती है वहीं नया टैल है जहां पुर्व सांसद सीताराम यादव का घर है रायपुर की मुख्य सड़कें कहलाती है और इस सड़कों पर सबसे अधिक यात्री यातायात करते हैं

(1980 से लेकर 2019 तक देखिए कितने सांसद जीत कर आए पर रायपुर गांव विकास को तरसते रह गए)
वहीं अगर हम बात करें रायपुर की मूलभूत सुविधाओं के बारे में तो अभी तक रायपुर के साथ सौतेला रवैया अपनाया गया है चाहे हो सड़क के मामले में हो या फिर बिजली के बारे में हो या फिर नल जल योजना के बारे में हो या फिर गरीबों के प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में हो या पेंशन के बारे में इन सब के मामले में सीतामढ़ी जिला का रायपुर गांव अत्यंत पिछड़ा हुआ है पर किसी भी नेता का इस पर ध्यान नहीं जा रहा है और ना कोई इसकी विकास के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं सिर्फ इलेक्शन तक ही नेताओं की लंबी लंबी भाषण और बड़े बड़े सपने देखने को मिलता है एक से एक सपने दिखाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब लापता हो जाते हैं
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