मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि न्यूनतम आय गारंटी योजना के बारे में उन्होंने कई अर्थशास्त्रियों से राय ली थी। इनमें आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों को लगता है कि यह मुश्किल काम है। राहुल ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरीब परिवारों की मदद के लिए हर महीने 12 हजार रु. दिए जाएंगे। पैसा घर की गृहणियों के खाते में डाला जाएगा।
बिना भाषण के हमने यह काम किया- राहुल
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा- हम इस योजना पर पिछले 6 महीने से काम कर रहे थे। हमने दुनिया के बड़े अर्थशास्त्रियों की लिस्ट बनाई और एक-एक करके सबसे बात की। रघुराम राजन से भी हमने सलाह ली। हमने यह काम बिना किसी को बताए, बिना कोई भाषण दिए किया। पहले हमें यह जानना था कि न्यूनतम आय की रेखा क्या होगी। हमने हिसाब लगया और तय किया कि यह 12 हजार होनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को जयपुर में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद 3 साल तक कांग्रेस पार्टी युवा उद्यमियों को पूरी तरह छूट देगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इन उद्यमियों को 3 साल तक सरकार से किसी तरह की इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी। तीन साल के बाद ही उन्हें मंजूरी के लिए अर्जी लगानी होगी।
विशेषज्ञ बोले- यह मुश्किल काम
अर्थशास्त्री जीन ड्रेज ने न्यूज एजेंसी को बताया कि न्यूनतम आय गारंटी योजना (न्याय) का सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से स्वागत किया जाना चाहिए। इस योजना की मजबूती इस बात पर निर्भर करेगी कि इसके लिए मुद्रा कहां से आएगी और 20% गरीबों की पहचान कैसे की जाएगी। उम्मीद है कि इस प्रस्ताव में वक्त के साथ और सुधार होगा।
योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद ने इस योजना को अच्छा बताया है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तस्वीर बदल सकती है। लेकिन, इससे खजाने पर बोझ बढ़ जाएगा। लेकिन, देश में अमीरों के पास गलत तरीके से कमाया हुआ बहुत सारा पैसा है। एक ऐसा नेता जो ईमानदार हो और लोगों की परवाह करता हो, वह इसका इस्तेमाल योजना में कर सकता है।(इनपुट भास्कर)
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