जैनुल अंसारी की तरह ही तसइम और गुफरान अंसारी की हत्या को दबा रही है राज्य सराकरःनजरे आलम

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18 March 2019 (Publish: 11:18 AM IST)

सी0बी0आई0 जाँच, एक एक करोड़ मुआवजा और पिड़ित परिवार को सरकारी नौकरी नहीं तो होगा आन्दोलनः बेदारी कारवाँ*

प्रेस-रिलीज,दरभंगा- पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ की टीम बिहार के पूर्वी चम्पारण के चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गाँव का दौरा किया। टीम की अध्यक्षता कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने की। मृतक दोनों युवक मो0 तसइम अंसारी एवं मो0 गुफरान अंसारी के परिवार से मिलने एवं ग्रामीणों की बातों को सुनने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दोनों युवक बेकसूर थे। साजिश के तहत दोनों युवक की हत्या पुलिस हिरासत में कर दी गई है। इस पूरे प्रकरण में डुमरा थाना प्रभारी, रूनी सैदपुर थाना प्रभारी (सितामढ़ी), चकिया थाना प्रभारी (पूर्वी चम्पारण), सितामढ़ी के पूर्व पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र शर्मा एवं वत्र्तमान जिलाधिकारी रंजीत कुमार सिंह की संलिप्ता है जिसे प्रशासनिक पदाधिकारी एवं राज्य सरकार दबाने का प्रयास कर रही है। इतना ही नहीं इस हत्या में स्थानीय जद यू0 नेता की भी संलिप्ता बताई जा रही है। सरकार इसे भी दबाने का पूरा प्रयास कर रही है जिस में को कामयाबी नहीं मिलने वाली है। बेदारी कारवाँ शुरू से ही पूरे मामले की सी0बी0आई0 जाँच की माँग कर रहा है। क्योंकि सी0बी0आई0 जाँच नहीं कराया गया तो राज्य सरकार इस मामले को दबा देगी और हत्या की सच्चाई सामने नहीं आ पायगी।

उक्त बातें आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रेस ब्यान जारी कर कही। श्री आलम ने कहा कि सितामढ़ी पुलिस लगातार अल्पसंख्यकों को टारगेट करके मार रही है और राज्य सरकार संरक्षण देने का काम कर रही है। राज्य सरकार एवं राज्य सरकार के मुखिया अल्पसंख्यक विरोधी निती पर काम कर रहे हैं यही कारण है कि पुलिस हिरासत में देर रात मुस्लिम युवकों को उठाकर थर्ड डिग्री देकर पुलिस के भेस में आतंकवादियों से हत्या करवाया जा रहा है। श्री आलम ने कहा कि इस प्रकार की घटना को अल्पसंख्यक समुदाय किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। श्री आलम ने यह भी कहा कि हमारी 11 सदस्यी टीम जब रामडीहा गाँव पहुँची तो वहाँ के अल्पसंख्यकों में खौफ एवं दहशत का माहौल था और सभी एक साथ कह रहे थे के दोनों युवक निर्दोष है पुलिस ने बहुत बुरा सलुक किया है,

हमारे बच्चे को गोली मार देता तो उतना दुख नहीं होता जिस प्रकार से सरकारी थाने में टार्चर करके मारा गया है। बेदारी कारवाँ की टीम रामडीहा जाकर ग्राउण्ड जीरो रिपोर्ट तैयार की है जिसे बिहार के मुखिया नीतीश कुमार, अपर मुख्य सचिव, बिहार, अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग, बिहार सरकार, डी0जी0पी0 बिहार, गृह सचिव, बिहार एवं गृह सचिव भारत सरकार, मानवधिकार आयोग, बिहार एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, महामहिम राज्यपाल, बिहार के साथ साथ भारत के अल्पसंख्यक मंत्री, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति महोदय को सौंपा है और अविलंब इन दोनों युवकों की निर्मम हत्या की सी0बी0आई0 से निष्पक्ष जाँच की माँग की है। साथ ही दोनों युवक के परिवार के एक एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं एक एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता अविलंब देने की राज्य सरकार के मुखिया नीतीश कुमार से माँग की गई है। श्री आलम ने कहा कि सितामढ़ी दंगा में जिस प्रकार से जैनुल अंसारी की हत्या कर दी गई थी और सरकार ने उस पूरे मामले को दबा दिया और हत्यारे खुलेआम घुम रहे हैं अगर उसी प्रकार से मो0 तसइम अंसारी एवं मो0 गुफरान अंसारी की हत्या को दबाने का प्रयास करेगी तो पूरे बिहार में हमारा संगठन आन्दोलन तो करेगा ही आगामी चुनाव में इस हत्या को मुद्दा बनाकर जनता के बीच ले जाकर सरकार की दोगली पालिसी एवं अल्पसंख्यक विरोधी निती को उजागर करेगा। बेदारी कारवाँ के रामडीहा दौरा पर मकसूद आलम पप्पु खान, असद रशीद नदवी, कारी मो0 सुलतान अखतर, अधिवक्ता सफिउर रहमान राईन, मौलाना समिउल्लाह नदवी, मोतिउर रहमान मोती, मो0 हीरा कुरैशी के नाम शामिल हैं। 

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