मुजफ्फरपुर,(मुजफ्फर आलम मिल्लत टाइम्स)
इसी साल अगस्त महीने में कटरा प्रखंड के पहसौल पंचायत के सिंहवारी गांव में दिलीप राय की लाश पेड़ पर टंगी मिली।मृतक के परिजनों के द्वारा इसका विरोध किया गया और लाश को उतारने से रोका गया ,हत्यारे की गिरफ्तारी के साथ इंसाफ की मांग की गयी।इलाके में अपराध पर रोक लगाने जानमाल की सुरक्षा की मांग की गयी।जानकारी मिलने पर भाकपा -माले और इंसाफ मंच के नेता आफताब आलम विरोध स्थल पर पहुंचे।वे भी दिलीप राय के परिवार और ग्रामीणों की मांग के साथ खडे़ हुए।पुलिस को यह विरोध बर्दाश्त नहीं हुआ।
इंसाफ की मांग को सरकारी काम में बाधा डालने, नाजायज भीड़ इकट्ठा करने,सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने,महामारी अधिनियम 1897 का उल्लंघन करने से संबंधित धारा लगाकर 27अगस्त को थाना के द्वारा मुकदमा कर दिया गया।
जनता के जानमाल की हिफाजत करने की लड़ाई को भाजपा-जदयू के राज में अपराध माना जाता है।इसके साथ ही हिंदू-मुसलमान, यादव-मुसलमान करनेवालों से यह समाज जानना चाहता है कि उन्हें पिछड़े-दलितों, गरीबों का वोट ही चाहिए या उनके जानमाल की हिफाजत भी वे करेंगे?
इस लड़ाई को यदि माले लड़ता है और उसकी अगुआई आफताब आलम करते हैं तो वही उनके अपने हैं और वही उनके वोट के हकदार हैं।
जाति-धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति को कमजोर करना है और विकास, मेलजोल, रोजगार, जीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य की लड़ाई को मजबूत करना है।
मनोज यादव
भाकपा-माले औराई परखणड प्रभारी
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