चुनाव में प्रत्याशियों की हर सही गलत एक्टिविटी पर चुनाव आयोग नज़र रखता है. कुछ भी ऊपर-नीचे होता है तो आयोग से डांट पड़ती है या फिर चुनाव आयोग तलब कर देता है, या फिर ज्यादा सीरियस होने पर आयोग की कार्रवाई होती है. आसान शब्दों में चुनाव आयोग को साफ-सुथरे चुनाव का प्रहरी भी कहा जाता है.
अब उत्तराखंड में एक ऐसी घटना हुई है जिसके बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. तो हुआ कुछ ऐसा कि टिहरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव प्रचार कर रहे थे. तभी उनकी नज़र चुनाव आयोग की गाड़ी पर पड़ी. गाड़ी के भीतर डैश बोर्ड पर बीजेपी की टोपी पड़ी हुई थी. बीजेपी की टोपी चुनाव आयोग की गाड़ी के भीतर देखकर कांग्रेस प्रत्याशी भड़क गए. जिसके बाद गाड़ी में बैठे चुनाव आयोग के स्टाफ से उनकी काफी बहसबाज़ी हुई. पीछे से कांग्रेस कार्यकर्ता भी नारे लगाने लग गए कि ‘सत्ताधारी दल की नाइंसाफी नहीं चलेगी, नहीं चलेगी’.
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चुनाव आयोग के स्टाफ की मानें तो गाड़ी के शीशे खुले हुए थे. उसी वक्त किसी बीजेपी समर्थक ने डैश बोर्ड पर बीजेपी की टोपी रख दी. उनके मुताबिक इसमें किसी तरह की कोई दुर्भावना या फिर प्रचार की भावना नहीं थी. स्टाफ के जवाब के बाद भी कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि ‘कांग्रेस का भी झंडा गाड़ी में लगाओ’. जिसके बाद प्रीतम सिंह के गुस्से को देखते हुए दूसरे कांग्रेस समर्थकों ने उन्हें शांत कराया.

(टिहरी लोकसभा सीट पर चुनाव आयोग की इसी गाड़ी में बीजेपी की टोपी मिली,जिसके बाद कांग्रेस के प्रत्याशी भड़क गए.)
इस मामले में हमने कांग्रेस प्रत्याशी प्रीतम सिंह से बात करने की कोशिश की. लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई. जिसके बाद हमारी बात प्रीतम सिंह के करीबी और कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता गिरिश चंद्र पुनेरा से बात हुई. फिर उन्होंने पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष धसमाना की तरफ से राज्य निर्वाचन आयोग को कर दी गई है. जिस पर जल्द ही जांच के बाद कार्रवाई की बात की जा रही है.
(इनपुट लल्लन टॉप)
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