मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: कांग्रेस का घोषणापत्र जारी
कांग्रेस ने घोषणापत्र को नाम दिया- जन आवाज
मुखपृष्ठ पर लिखा- हम निभाएंगे
राजद्रोह की धारा खत्म करने का वादा
हिंसक भीड़ पर रोक लगाएंगे, लोकसभा में नया कानून लाएंगे
सरकारी अस्पतालों को मजबूत करेंगे
किसान कर्ज न चुका पाएं तो आपराधिक मामला नहीं
जीडीपी का 6 फीसदी शिक्षा के लिए खर्च होगा
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने, लोकसभा चुनाव 2019 के महासंग्राम के लिए घोषणापत्र जारी कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए एक-एक कर पार्टी बड़े वादों का पिटारा खोल रही है। इसे जन-आवाज का नाम दिया गया है।
सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी राहुल के साथ मौजूद हैं। घोषणापत्र के कवर पेज पर लिखा गया है- हम निभाएंगे। 55 पन्नों के घोषणापत्र को छह हिस्सों में बांटा गया है- काम, दाम, शान, सुशासन, स्वाभिमान और सम्मान।
राहुल गांधी ने कहा कि घोषणापत्र को बंद दरवाजों के पीछे नहीं जनता के बीच जाकर तैयार किया है। जिस तरह कांग्रेस के चुनाव चिन्ह हाथ में पांच उंगलियां है, इसी तरह हमारे घोषणापत्र में पांच बड़ी बातों का जिक्र है। किसान और रोजगार इस देश में सबसे बड़े मुद्दे हैं।
घोषणापत्र की बड़ी बातें:
हर साल 20 फीसदी गरीबों को न्याय योजना के तहत 72 हजार रुपये सालाना।
मार्च 2020 तक 22 लाख खाली पड़े पदों को भरा जाएगा।
युवाओं को पक्का रोजगार मिलेगा।
जीएसटी को आसान बनाया जाएगा।
मनरेगा में 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन रोजगार गारंटी।
राफेल समेत बीते पांच सालों के सभी सौदों की जांच
3 साल तक नए कारोबारों को किसी मंजूरी की जरूरत नहीं।
ग्राम पंचायत में 10 लाख नौकरियां।
जीडीपी का 6 फीसदी शिक्षा के लिए खर्च होगा।
किसानों के लिए अलग बजट, कर्ज न चुका पाएं तो आपराधिक मामला नहीं।
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण
सरकारी अस्पतालों को मजबूत करेंगे।
हिंसक भीड़ पर रोक लगाएंगे, लोकसभा में नया कानून लाएंगे।
जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती की समीक्षा
आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (एएफएसपीए) की समीक्षा
अनुच्छेद 370 में कोई बदलाव नहीं
राजद्रोह खत्म करने का वादा
मानहानि को दीवानी मामलों के दायरे में लाएंगे।
यहां देखें कांग्रेस का पूरा घोषणापत्र
घोषणापत्र जारी करने से पहले:
घोषणापत्र बनने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए समिति के संयोजक राजीव गौड़ा ने बताया कि लोगों की आवाज सुनी गई है। पूरे देश से विचार जमा किए गए, जनता से बात की गई और उसके बाद उन विचारों को घोषणापत्र का हिस्सा बनाया गया। कुल 1 लाख 60 हजार सुझाव पार्टी को मिले।
घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष पी चिदंबरम ने बताया कि इसमें महिलाओं, छोटे कारोबारियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, राष्ट्रीय सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। जब मुंबई की महिलाओं से सबसे बड़े मुद्दे के बारे में पूछा गया तो जवाब मिला-महिला सुरक्षा। मोदी सरकार के राज में करीब पांच करोड़ नौकरियां गईं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि ये भविष्य की राह दिखाने वाला घोषणापत्र होगा। कांग्रेस के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होगा। गरीबी, बीमारी से जूझते देश के लिए जरूरी योजनाओं का जिक्र होगा। ये घोषणापत्र लोगों की उम्मीदों, आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा।
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