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  • कंगना ने मुंबई पहुंचते ही कहा-आज मेरा घर टूटा है, कल उद्धव ठाकरे का घमंड टूटेगा

    कंगना रनौत मुंबई पहुंच चुकी हैं और मुंबई पहुंचते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘आज मेरा घर टूटा है कल तुम्हारा घमंड टूटेगा.’

    कंगना ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करके कहा है, ”उद्धव ठाकरे तुझे क्या लगता है तूने फ़िल्म माफ़िया के साथ मेरा घर तोड़ कर मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है. आज मेरा घर टूटा है कल तेरा घमंड टूटेगा. ये वक़्त का पहिया है याद रखना हमेशा एक जैसा नहीं रहता और मुझे लगता है तुमने मुझ पर बहुत बड़ा अहसान किया है, मुझे पता था कि कश्मीरी पंडितों पर क्या बीती होगी आज मैंने महसूस किया है. आज मैं इस देश को वचन देती हूं कि मैं अयोध्या पर ही नहीं कश्मीर पर भी एक फ़िल्म बनाऊंगी. और अपने देशवासियों के जगाऊंगी क्योंकि मुझे पता था कि ये हमारे साथ होगा तो लेकिन ये मेरे साथ हुआ है इसका कोई मतलब है, कोई मायने है. उद्धव ठाकरे अच्छा हुआ कि ये क्रूरता मेरे साथ हुई क्योंकि इसके कुछ मायने हैं…जय हिंद, जय महाराष्ट्र”

    कंगना गुरूवार को चंडीगढ़-मुंबई फ़्लाइट से मुंबई पहुंची हैं. जब वह एयरपोर्ट पर पहुंची तो बाहर करणी सेना कंगना के समर्थन में और शिवसेना विरोध में नारेबाज़ी कर रही थी.

    आज बॉम्बे हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेती कंगना रनौत के दफ़्तर पर मुंबई महानगरपालिका की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने बीएमसी से कंगना की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है.

    इससे पहले मुंबई महानगरपालिका की एक टीम ने अभिनेत्री कंगना रनौत के बंगले के कुछ हिस्सों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी थी जिन्हें वो अवैध तरीक़े से किया गया बदलाव बता रहे थे.

    कंगना के वकील रिज़वान सिद्दिक़ी ने कहा कि बीएमसी ने जो नोटिस दी थी उसका जवाब पहले ही दे दिया गया था.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा,”बीएमसी ने जो ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस दिया था वो बे​बुनियाद है और अवैध है, स्टॉप वर्क उनको देना पड़ता है जिनके घर में काम चालू हो. वो अवैध तरीके से घर में घुसे, आस पड़ोस में सबको धमकी देकर घुस गए. नोटिस का जवाब मैंने कल ही दे दिया था.”

  • लाईफ इन्श्योरेंस पॉलिसी के नाम पर करोड़ो की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

    राजसमन्द के व्यक्ति से 85 लाख व भीलवाड़ा के व्यक्ति से ठगे करीब 1 करोड़

    अशफाक कायमखानी।

    राजसमन्द 07 सितम्बर। इन्श्योरेंस पॉलिसी कराने व एजेंट बन लोगों की पॉलिसी करने पर मोटा कमीशन व अन्य लुभावने ऑफर देकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले मास्टर माइण्ड समेत गिरोह के 6 ठगों को थाना राजनगर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। जिनसे इस तरह की धोखाधडी और कितने लोगो के साथ की गई,के बारे मे पुछताछ जारी है।
    एसपी राजसमन्द भुवन भूषण यादव ने बताया कि गिरफ्तार मोहम्मद जावेद पुत्र मोहम्मद मुबीन (31), रवि कुमार पुत्र मुन्ना शाह (32), राहुल गर्ग पुत्र निरंजन प्रसाद (33), गौरव बंसल पुत्र राम प्रताप (31), संजय चौधरी पुत्र केहर सिंह चौधरी (31) तथा सोनू बघेल पुत्र भगवान सिंह, दिल्ली के विभिन्न इलाकों के रहने वाले है। गिरोह का मास्टर माईण्ड जावेद है जो अपने साथियो के साथ मिलकर फर्जी सिम कार्ड से अलग-अलग व्यक्ति बनकर लोगो का कॉल करते है। उन्हे विभिन्न पॉलिसियो के लुभावने प्रलोभन देकर उनसे अलग- अलग बैक खातो में पैसे ट्रान्सफर करवा लेते है। सोनू खाता अरेन्ज करता था, जिसका उसे 7 प्रतिशन कमीशन मिलता था। ठगी की रकम पांचों के बैंक खातों में होती हुई अंत मे जावेद के पास जाती। जावेद सबका कमीशन सोनू के मार्फत देता।

    एसपी यादव ने बताया कि 31 अगस्त को थाना राजनगर निवासी नरेन्द्र प्रकाश जैन ने उनके सम्मुख एक रिपोर्ट पेश की जिसके अनुसार इन्श्योरेंस पॉलिसी कराने व एजेंट बन लोगों की पॉलिसी करने पर विभिन्न प्रकार के लुभावने ऑफर देकर उससे 2017 से अब तक 85 लाख रूपये की ठगी की गई है। इस पर थाना राजनगर पर मुकदमा दर्ज कर एएसपी राजेश गुप्ता के निर्देशन, सीओ गोपाल सिह भाटी के सुपरविजन में प्रशिक्षु आरपीएस नोपा राम व थानाधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व में टीमे गठित कर टीमे दिल्ली रवाना की गई। गठित टीम छहों ठगों को दिल्ली से डिटेन कर राजनगर थाने लेकर आई। प्रारम्भिक पूछताछ में राजनगर के केस के अलावा भीलवाड़ा निवासी मोहन लाल पाटीदार के साथ करीब 1 करोड रूपये की धोखाधडी की जानकारी मिली है जिसका प्रकरण साईबर थाना जयपुर में भी दर्ज है।

  • अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र विधानसभा करेगी कार्रवाई

     

    रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दाख़िल किया गया है.

    शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ ये प्रस्ताव रखा. ये प्रस्ताव रखने के बाद विधानसभा में हंगामा हुआ और आधे घंटे के लिए काम रोक दिया गया. विधानसभा ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. ऐसे में अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सदन जल्द ही कार्रवाई शुरू कर सकता है.

    अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सख्त से सख़्त कार्रवाई की मांग परिवहन मंत्री अनिल परब ने की है.

    अनिल परब ने कहा, “अगर कोई पत्रकार के ख़िलाफ़ कुछ बात करे या फिर उन्हें हाथ लगाए तो इस विधानसभा में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक्ट बनाया गया था. पर कोई पत्रकार ही किसी जन प्रतिनिधि के बारे में कुछ कहे तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं.”

    प्रताप सरनाइक ने कहा, “मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार के ख़िलाफ़ अर्नब गोस्वामी ने जिस भाषा का प्रयोग किया है, उसकी मैं निंदा करता हूं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार, दोनों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास हुआ है. अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई हो.”

    अनिल परब ने अर्नब गोस्वामी के बारे में कहा, “अर्नब को लगता है कि वो खुद ही जज हैं. उद्धव ठाकरे और शरद पवार के ख़िलाफ़ उन्होंने तू-तड़ाक वाली शैली में बात की है. इस सदन को जिस तरह से पत्रकारों की सुरक्षा का क़ानून पास करने का अधिकार है उसी तरह से किसी पत्रकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का भी अधिकार है.”

    अनिल परब कहते हैं, “अगर किसी ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ गैर-ज़िम्मेदार भाषा का इस्तेमाल किया तो उस पर कार्रवाई होती है तो फिर मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ गैर-ज़िम्मेदारी भरे बयान पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? प्रधानमंत्री को कोई कुछ बोले तो आपको गुस्सा आता है पर अगर कोई मुख्यमंत्री को बोले तो आपको गुस्सा नहीं आता है क्या? सुपारी लेने वाले पत्रकारों पर कार्रवाई करनी चाहिए.”

    अन्वय नाइक की आत्महत्या का मामला
    महाराष्ट्र विधानसभा में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अन्वय नाइक मामले में अर्नब गोस्वामी की जांच होगी. अन्वय नाइक एक मराठी इंटीरियर डिज़ानइर थे, जिन्होंने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी.

    आत्महत्या करने से पहले लिखे अपने ख़त में उन्होंने आरोप लगाया था कि अर्नब गोस्वामी ने रिपब्लिक नेटवर्क के स्टूडियो का इंटीरियर डिज़ाइन कराने के बाद भुगतान नहीं किया था.

    अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र विधानसभा में कहा, “अन्वय नाइक की पत्नी और बेटी ने मेरे पास आकर अर्नब गोस्वामी की शिकायत की है, इसलिए महाराष्ट्र पुलिस अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ जांच करेगी. अन्वय नाइक की पत्नी अक्षता नाइक और बेटी प्रज्ञा नाइक के शिकायतों के आधार पर ही जांच होगी.”

     

  • पानीपत:इखलाक सलमानी के साथ जुल्म की इंतिहा,हाथ काट मृत समझकर फेंका रेलवे ट्रैक पर

    मिल्लत टाइम्स, पानीपत:हरियाणामें जंगल राज की एक होर घटना सामने आई
    कस्बा ननौता जिला सहारनपुर के निवासी इखलाक सलमानी s/o फकीरा रोजगार की तलाश में पानीपत आया और पार्क में बैठा हुआ था पार्क में दो आदमी आए जिन्होंने नशा किया हुआ था और उससे मारपीट करने लगे और वहां से जाकर 6,7 तो लोगों को बुला कर लाए और उनमें एक औरत भी थी और इखलाक सलमानी को पकड़ कर एक घर डैयरी के अंदर ले गए जहां पर मौजूद कुछ औरतें और आदमियों ने उसके साथ बहुत ज्यादा मारपीट की और उसका एक हाथ काट दिया और मरा हुआ समझकर रेलवे लाइनों के पास फेंक दिया । इखलाक सलमानी को होश आया तो उसने किसी राहगीर से एक नंबर मिलाने के लिए कहा और उसने अपने फोन से उसके घरवालों को ननौता फोन किया और बता कि आपका लड़का यहां पर जख्मी हालत में पड़ा हुआ है और इस का एक हाथ भी कटा हुआ है । पीड़ित के भाई इकराम सलमानी s/o फकीरा ने अपने किसी परिचित को फोन कर के घायल अवस्था में पडे अपने भाई के पास भेजा और परिचित ने पुलिस की मदद से रोहतक हस्पताल पहुंचाया । उसके बाद इकराम सलमानी रोहतक अस्पताल पहुंचा और अपने भाई को देखा और उसने देखा कि उसके भाई के पूरे शरीर में बहुत ज्यादा पीटने से चोटें लगीं हुईं हैं यह घटना चौंकी किसनपुरा पानीपत की है और अभी तक गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है और अभी तक पुलिस ने पीड़ित इखलाक के बयान लिए ओ ना ही एफ आई आर दर्ज की क्या सुशांत सिंह राजपूत ही भारत का वासी था उसी को इन्साफ के सरकार और मीडिया मुहिम चला सकता है। मैं इकराम सलमानी और मेरा भाई पीड़ित इखलाक जिस को मरा हुआ समझ कर फेंक दिया और कोहनी से एक हाथ काट सारी जिंदगी के लिए अपाहिज बना दिया को भी इनसाफ चाहिए हमारी मान्ननय प्रधानमंत्री, ग्रह मंत्री, डीजीपी हरियाणा, पुलिस कमिश्नर पानीपत और इंचार्ज चौकी किशनपुरा पानीपत और सभी देशवासियों से भी अपील है कि हमें इंसाफ दिलाया जाए और गुनाहगारों को जेल भेजा जाए और उनके खिलाफ इरादतन कत्ल और हाथ काटने और मारपीट करने की जो भी धारा हेल्प बनती हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए इकराम सलमानी सदर नानौता ऑल इंडिया जमात ए सलमानी बिरादरी

  • पटना में 21 सितंबर से स्कूल खोलने का आदेश, डीएम ने किया एलान

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स
    पटना। के डीएम कुमार रवि ने 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी एसओपी का ख्याल रखते हुए कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए शिक्षण संस्थान को खोलने का परमिशन दे दिया है. पटना जिलाधिकारी कुमार रवि ने अनलॉक-4 को लेकर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी थानाध्यक्ष सहित प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी को को प्रभावी कार्यान्वयन का निर्देश दिया है.

    गृह विभाग की ओर से जारी आर्डर के मुताबिक डीएम कुमार रवि ने अनलॉक-4 के तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर सभी गतिविधियों की अनुमति प्रदान करते हुए मात्र निम्न गतिविधियों पर रोक लगाई है. शिक्षण संस्थानों में 50% तक शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन कक्षा/ टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्यों के लिए 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में शिक्षण संस्थान में आने की अनुमति रहेगी. 9 वीं से 12 वीं तक के छात्र, पढ़ाई के सिलसिले में शिक्षकों से स्कूल में मुलाकात कर सकते हैं, पर इसके लिए अभिभावक की इजाजत जरूरी होगी.

    गृह मंत्रालय की ओर से कोविड-19 के प्रसार को रोकने हेतु कंटेनमेंट जोन में लॉक डाउन की अवधि को 30 सितंबर तक विस्तारित करते हुए कंटेनमेंट जोन के बाहर अनलॉक 4 के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश 29 अगस्त को ही दिए गए हैं. इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार सरकार द्वारा गृह मंत्रालय के उपयुक्त आदेश को यथावत लागू एवं अनुपालित किए जाने के संबंध में 7 सितंबर को निर्देश निर्गत किए गए हैं. तदनुसार जिलाधिकारी पटना द्वारा इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. अब दुकानों के खोलने की समयावधि के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर लागू लॉकडाउन संबंधी आदेश अब प्रभावी नहीं हैं. दुकानों को खोलने एवं बंद करने संबंधी कार्य दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम एवं सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत किए जाएंगे.

    पटना डीएम के मुताबिक स्कूल, कॉलेज ,शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग संस्थान सभी छात्रों के लिए 30 सितंबर तक बंद रहेंगे. लेकिन निम्न गतिविधियां परिचालित हो सकेंगी –

    1. ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा को जारी रखते हुए इसके बढ़ावा देने की अनुमति दी गई है.

    2. शिक्षण संस्थानों में 50% तक शिक्षण/ गैर शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन कक्षा/ टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्यों के लिए 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में शिक्षण संस्थान में आने की अनुमति रहेगी.

    3. कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को कंटेनमेंट जोन के बाहर अवस्थित विद्यालयों में स्वैच्छिक आधार पर शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में शिक्षण संस्थान में आने की अनुमति रहेगी.

    4. राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों/ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कौशल या उद्यमिता प्रशिक्षण में कौशल या औद्योगिक प्रशिक्षण हेतु 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में संचालन की अनुमति रहेगी.

    5. सामाजिक/ शैक्षणिक/ मनोरंजन/ सांस्कृतिक/ धार्मिक/ राजनीतिक,/ खेलकूद आदि कार्यक्रम में अधिकतम 100 व्यक्तियों के जमावड़े की अनुमति मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का अनुपालन थर्मल स्कैनिंग हैंडवॉश सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था के साथ 21 सितंबर से रहेगी. लेकिन विवाह समारोह के लिए अधिकतम 50 व्यक्तियों तथा दाह संस्कार में अधिकतम 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति 20 सितंबर तक रहेगी. 21 सितंबर से अधिकतम 100 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति रहेगी.

    6. सिनेमाघर, स्विमिंग पुल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर एवं इस तरह के सभी स्थल बंद रहेंगे. लेकिन ओपन थिएटर को 21 सितंबर से संचालित करने की अनुमति रहेगी.

  • अचानक रक्त दान स्थल बदलने जाने के बावजूद सचिन पायलट के जन्मदिन पर फतेहपुर मे 250 से अधिक यूनिट रक्तदान।

    अशफाक कायमखानी।
    फतेहपुर (सीकर)।
    राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के तेयालिसवे जन्मदिन पर राजस्थान भर के अतिरिक्त लगते प्रदेशो मे जगह जगह उनके राजनीतिक समर्थकों व उनके चाहने वालो ने कोराना काल मे रक्त की कमी को भांपकर जगह जगह रक्दान शिविर लगाकर रक्त दान करने के सिलसिले मे सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे मे पहले से तय रक्त दान स्थल सरकारी धानुका अस्पताल प्रशासन द्वारा उक्त स्थल उपलब्ध करवाने को लेकर पहली रात अचानक नो बजे मना करने के बावजूद पायलट के नजदीक माने जाने मोहम्मद शरीफ ने अपने निवास स्थान पर आज पुख्ता इंतेजाम करके रक्तदान शिविर लगाकर उसमे 250 से अधिक यूनिट रक्तदान करवाने के बाद क्षेत्र मे अनेक तरह की राजनीतिक चर्चाओं चलने लगी है।

    उक्त रक्त दान शिविर संयोजक मोहम्मद शरीफ ने बताया कि खासतौर पर क्षेत्र के युवाओं मे सचिन पायलट के जन्मदिन पर रक्त दान करने को लेकर काफी उत्साह था लेकिन अचानक स्थल बदले जाने पर आई अड़चनो को पार करके भी शिविर में 250 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। काफी अन्य ओर लोग रक्त दान करना चाहते थे पर वो स्थल बदलाव के कारण बने हालात के कारण कर नही पाये।

    इस रक्त दान शिविर के अवसर पर हाजी हुसैन खाँ, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश भाकर, आसिफ जलालसर, लियाकत खाँ फोरेस्टर, आरीफ खाँ सरपंच, एडवोकेट नयूम हुसैन, मुबारिक खाँ गारिन्डा, रफीक खाँ सामदखानी, मुबारिक अली जाजोद, अय्यूब खाँ बलोदी, असलम खाँ, गोविन्द ढाका, नरेन्द्र झुरीया, पार्षद सुरेश चिरानिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिविर में गेटवेल ब्लड बैंक सीकर की टीम ने सेवाएं दी।

    एन वक्त पर शिविर का स्थान बदला राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया।

    शिविर संयोजक मोहम्मद शरीफ के अनुसार स्थानीय राजनैतिक दबाव के चलते प्रशासन ने एन वक्त पर रात्री नो बजे पहले से मिली इजाजत अनुसार धानुका अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तय रक्त दान शिविर का आयोजन करने से मना कर दिया। शरीर के मुताबिक रात्रि नौ बजे अस्पताल प्रभारी एसएन सबल ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में शिविर का आयोजन नहीं हो सकता। कारण पूछने पर बताया कि हम मजबूर है हमारी नोकरी का सवाल है। युवाओं की काफी समझाइस के बाद भी बात नहीं बनी, सूचना पर शहर कोतवाल उदयसिंह यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा। एन वक्त पर शिविर को मोहम्मद शरीफ को अपने निवास पर शिफ्ट करना पड़ा। शिविर में सैनिटाइजर ओर मास्क वितरण भी किया गया तथा कोरोना गाइड लाइन का पूरा खयाल रखा गया।

  • Alt News के फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर पर किस मामले में FIR हुई है?

    ऑल्ट न्यूज़. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट है. इसके को-फाउंडर मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एक एफआईआर रायपुर में हुई है और एक दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने दर्ज की है. जुबैर पर आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) की शिकायत के बाद ये मामले दर्ज किए गए हैं. जुबैर पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर पर एक बच्ची को धमकाया और प्रताड़ित किया.

    दिल्ली साइबर क्राइम के डीसीपी अन्येश रॉय और रायपुर एसएसपी अजय यादव ने इंडियन एक्सप्रेस से एफफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है.

    NCPCR के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि NCPCR ने 8 अगस्त को पोस्ट का संज्ञान लिया और जांच शुरू की. हमने ट्विटर से जानकारी मांगी. ट्विटर के जवाब से असंतुष्ट होकर हमके उनके प्रतिनिधि को तलब किया. ट्विटर को प्रासंगिक जानकारी साझा करने के लिए 10 दिनों का और वक्त दिया गया है. हमने पुलिस अधिकारियों को भी कारवाई के लिए कहा.

    जुबैर के किस ट्वीट पर शिकायत हुई?

    ट्विटर पर जगदीश सिंह नाम के शख्स के साथ बहस के बाद जुबैर ने उसकी प्रोफाइल फोटो पोस्ट करते हुए जवाब दिया था. जुबैर ने फोटो में मौजूद नाबालिग लड़की का चेहरा ब्लर कर दिया था. 6 अगस्त को किए गए इस ट्वीट में  उन्होंने लिखा था,

    हेलो जगदीश सिंह, क्या आपकी प्यारी सी पोती को आपके पार्ट टाइम नौकरी के बारे में पता है, जहां आप सोशल मीडिया पर लोगों को गाली देते हैं? मेरी सलाह है कि आप अपनी प्रोफाइल फोटो बदल लें.

    इसी ट्वीट को लेकर केस किया गया है कि ज़ुबैर ने एक नाबालिग की पहचान को इस तरह उजागर किया. उस ट्वीट की वजह से नाबालिक को ट्विटर पर प्रताड़ित किया गया.

    मामले पर ऑल्ट न्यूज़ ने क्या कहा?

    इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए जुबैर ने कहा कि यह एकदम ओछी शिकायत है. मैं कानूनी रूप से इसका जवाब दूंगा.

    ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा ने ट्विटर पर ऑल्ट न्यूज़ की तरफ से स्टेटमेंट जारी किया. ऑल्ट न्यूज़ ने कहा,

    कानूनी तंत्र का दुरुपयोग करते हुए ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को शिकार बनाया जा रहा है. ऑल्ट न्यूज़ जुबैर के साथ खड़ा है. जुबैर फेक न्यूज़ से लड़ने में सबसे आगे रहे हैं और उनका यह काम उन लोगों को नुकसान पहुंचाता है जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नीचा दिखाने के लिए गलत जानकारी को हथियार बनाया हुआ है.

  • शहीद को राजकीय सम्मान से दी अंतिम विदाई,हर आंख नम, फिर भी देश सेवा का दिखा जज्बा

    झुंझुनूं।जिले का एक ओर लाडला शनिवार को देश सेवा के लिए अपना इतिहास रच गया। सैनिकों और शहीदों के इस जिले की वीर गाथा आज देश में किसी से छिपी हुई नहीं है। जब देश सेवा की बात आती है तो झुंझुनू जिले का नाम बडे फर्क और सम्मान से लिया जाता है और यह संभव होता है यहां के जाबाज लाडलों की बदौलत। ऐसा ही इतिहास को दोहराता हुआ जिले का एक ओर बेटा शनिवार को अंतिम विदाई ले गया।शनिवार को जिले के उदयपुरवाटी तहसील के हुक्मपुरा गांव के लाडले नायब सुबेदार शहीद समशेर अली खान को सुपुर्द ए खाक किया गया। जैसे ही शहीद का प्रार्थिव देह गुढागौडजी कस्बें पंहुचा वहां गगनभेदी नारों के बीच लोगों ने नम आखों से अपने लाडले के अंतिम दर्शन किये।

    यहां से युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाल कर अपने लाडले को सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव तक लेकर गयें। इस दौरान देश भक्ति से ओत-प्रोत नारों से माहौल्ल देशभक्तिनुमा बन चुका था। जैसे ही बेटे का शव घर के आंगन पंहुचा वैसे ही वहा पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका था, वहां खडे हर व्यक्ति की आंख नम थी, परन्तु ऐसे दुख के माहौल्ल में भी देश सेवा के लिए लगाए जा रहे नारों से यह साफ नजर आ रहा था कि दुख की घडी में भी यहां के लोग देश सेवा के जज्बें को हमेशा सजोकर रखते है।

    सामाजिक रिवाजों के बाद शहीद की अंतिम विदाई की गई। यहां पर शहीद के पिता को तिरंगा भेट किया गया तथा सेना व पुलिस की टूकडी की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी प्रार्थिव देह पर वहां उपस्थित लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित किये। *यह रहे उपस्थित*: शहीद को अंतिम विदाई देने वालों में जिले के सांसद नरेन्द्र कुमार, जिला कलेक्टर उमर दीन खान, पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, विधायक राजेन्द्र गुढा,एसडीएम उदयपुरवाटी,फतेहपुर विधायक, सीकर नगर परिषद सभापति, सैनिक कल्याण अधिकारी कमाण्डर परवेज अहमद, नवलगढ डीवाईएसपी, करणी सेना शेखावाटी प्रभारी गोविंदसिंह सुलताना,जिलाध्यक्ष गिरवरसिंह तंवर सहित बडी संख्या में जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। *यहां हुऐ शहीद*:42 वर्षीय समशेर अली वर्तमान में अरूणाचल प्रदेश के टंेगा में 24 ग्रेनेडियर यूनिट में तैनात थे। वे 9 अप्रेल 1997 को जबलपुर में सेना में भर्ती हुए थे।वे भारत-चीन सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हुए। वे उनकी प्रार्थिव देह शनिवार को उनके पैतृक गांव पंहुची,जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनको सुपुर्द ए खाक किया गया। *यह है परिवार* परिवार में शहीद के पिता सलीम अली,मां नथी बानो, पत्नी सलमा बानो,दो बेटे एक 16 वर्षीय आलम शेर व दूसरा 12 वर्षीय गुलशेर तथा आठ साल की बेटी शाहीन है,तीनों बच्चे अभी पढाई कर रहे है। *चार पीढी से कर रहे है देश सेवा* : समशेर अली अपने तीन भाईयों में सबसे बडे थे। उनसे छोटा भाई जंगशेर अली भी सेना में सेवारत है। शहीद के परिवार की चार पीढियों सहित कुल 17 जने देश सेवा में है। इनमें से तीन रिटायर्ड हो चुके है। समशेर अली के पिता सलीम अली भी सेना में नायब सुबेदार के पद से रिटायर्ड है।सलीम के पिता फैज मोहम्मद भी फौज में सेवा दे चुके है व उनके पिता बागी खां भी देश सेवा में रहे।

  • चिराग पासवान का एक और पत्र जिसका जवाब नीतीश कुमार के पास नहीं |

    चिराग पासवान  के एक पत्र का जवाब नीतीश कुमार  के पास नहीं है. दलितों ने चिराग पासवान के सामने नीतीश कुमार के फैसले पर उठाए सवाल हैं जिसके बाद चिराग ने नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. चिराग पासवान ने कहा है कि यदि चुनावी घोषणा नहीं है तो पिछले 15 साल में जितने भी दलितों की हत्याएं हुई हैं उन सभी के परिजनों को सरकार नौकरी दे. गौरतलब है कि बिहार सरकार ने दलित की हत्या होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. आने वाले दिनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं.

    चिराग पासवान ने कहा है कि एससी, एसटी समाज का कहना कि इसके पूर्व तीन डिसमिल जमीन देने का वादा भी सरकार ने पूरा नहीं किया था जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति समाज को निराशा हुई थी. हत्या एक अपराध है और अपराधियों में डर न्याय प्रक्रिया का होना चाहिए ताकि हत्या जैसे जघन्य अपराध से बचें.

    चिराग पासवान ने नीतीश से कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति ही नही बल्कि किसी वर्ग के किसी भी व्यक्ति की हत्या न हो, इस दिशा में भी कठोर कदम उठाने की जरूरत है. पिछले 15 सालों में जितने भी एससी-एसटी समुदाय के लोगों की हत्या के मामले न्यायालय में लंबित हैं उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा जाए. इन दोनो मांगों के साथ लोक जनशक्ति पार्टी सहमत है. लोजपा की यह मांग मांगने से सरकार पर सम्पूर्ण बिहारी का विश्वास बढ़ेगा, अन्यथा जनता इसको मात्र चुनावी घोषणा मानेगी.

     

  • RRB NTPC 2020: रेलवे की तीन कैटेगरी में है 1 लाख से अधिक वैकेंसी, इस दिन से शुरू होंगी परीक्षाएं

    RRB Exam 2020: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अब तक परीक्षा आयोजित नहीं कराई जा सकी थी.

    RRB NTPC Exam Date: रेलवे बोर्ड (Indian Railway Board) के अध्यक्ष वी के यादव ने शनिवार को कहा कि रेलवे करीब 1.40 लाख पदों पर भर्ती के लिये 15 दिसंबर से कंप्यूटर आधारित परीक्षा  (Computer-based examination) कराना शुरू करेगा. उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए करीब 2.42 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 35208 पद गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (एनटीपीसी) जैसे गार्ड, कार्यालय लिपिक, वाणिज्यिक लिपिक और अन्य, 1663 पद पृथक और मंत्रालयी श्रेणी जैसे आशुलिपिक आदि और 1,03,769 पद वर्ग-एक के हैं जिनमें पटरियों का रखरखाव करने वाले, प्वाइंटमैन आदि आते हैं.

    रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अब तक परीक्षा आयोजित नहीं कराई जा सकी थी. यादव ने कहा, “तीनों श्रेणियों के पदों के लिये कंप्यूटर आधारित परीक्षा 15 दिसंबर से शुरू होगी और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी.”

    यादव ने कहा, “हमनें विभिन्न श्रेणियों में 1,40,640 पदों पर भर्ती के लिये आवेदन आमंत्रित किये हैं. इनकी अधिसूचना कोविड से पहले जारी की गई थी. इन आवेदनों की जांच का काम पूरा हो गया था लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण कंप्यूटर आधारित परीक्षा पूरी नहीं हो सकी थी.”

    रेलवे की परीक्षाओं की घोषणा करते हुए रेल मंत्री पीयूश गोयल ने भी शनिवार को एक ट्वीट किया था.

    रेलवे के एक बयान में कहा गया है कि रेलवे भर्ती बोर्ड सभी नोटिफाईड वैकेंसियों के लिए कंप्यूटर-आधारित परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है और महामारी के बीच जमीनी स्थिति का सक्रिय रूप से आकलन कर रहा है.