CAA के खिलाफ जालंधर के मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर पंजाब वी.पी. बदनोर से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन

सी.ए.ए. एक्ट को खतम करने की मांग चंडीगढ़ पंजाब (मेराज़ आलम) : पंजाब मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा पास […]

admin

admin

20 February 2020 (Publish: 05:00 PM IST)

सी.ए.ए. एक्ट को खतम करने की मांग

चंडीगढ़ पंजाब (मेराज़ आलम) : पंजाब मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (सी ए ए) को रद्द करने और दिल्ली, यूपी और कर्नाटक पुलिस के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है जिन्होंने सी ए .ए .का विरोध करने वालों पर अत्याचार किए हैं।

इस सिलसिले में पंजाब मुस्लिम फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद कलीम आजाद, पंजाब मुस्लिम सेकुलर फ्रंट के अध्यक्ष एडवोकेट नईम खान, पंजाब सूफी मंच प्रधान सैयद शाहिद हसन, मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन पंजाब प्रधान एम आलम मजाहरि , मस्जिद नकोदर के प्रधान अब्दुस्सत्तार ठेकेदार, सामाजिक कार्यकर्ता अलाउद्दीन चंद्रमा युक्त एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल वी.पी. बदनोर से मुलाकात कर राष्ट्रपति भवन के नाम उन्हें ज्ञापन प्रस्तुत किया। इन नेताओं का कहना था कि सी ए ए, और एन.पी.आर जैसे कानूनों को वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि पूरे देश में उनका विरोध हो रहा है और लोग सड़कों पर उतरे हैं। यह कुछ ऐसा ही है जैसा अंग्रेजों के खिलाफ लोग एकजुट हुए थे और स्वतंत्रता की लड़ाई में अंग्रेज सरकार को उखाड़ फेंका था।

प्रतिनिधिमंडल में कहा गया कि जब संविधान बना तो इसमें देश के सुरक्षा ढांचे और अनेकता में एकता की बात कही गई थी। उसे आज बचाने की जरूरत है।

इन नेताओं का कहना था कि सी.ए .ए .के खिलाफ पूरे देश में शांतिपूर्ण एहतजाज हो रहे हैं जिसका अधिकार नागरिकों को हमारा संविधान देता है लेकिन दिल्ली, यूपी और कर्नाटक पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा ढाया जो निंदनीय है। इतना ही नहीं इस पूरे आंदोलन को धार्मिक रंग देने की भी कोशिश की गई, जिनमें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद प्रवेश वर्मा ने विवादित बयानों दिए जूमलक सांप्रदायिक भाईचारे को बिगाड़ने की एक निंदनीय कोशिश थी। उन्हीं घृणा अपमानजनक भाषणों का परिणाम था कि गोपाल शर्मा और कपिल गुर्जर जैसे लोगों ने आम लोगों पर फायर किए और दिल्ली पुलिस महज तमाशाई बनी रही। ऐसे देश दुश्मन लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई न होना एक खतरनाक संकेत और देश की एकता, संप्रभुता, गरिमा और लोकतांत्रिक चरित्र के लिए खतरा है। उन्होंने मांग की कि देश के लोगों को वातावरण से छुटकारा दिलाया जाए और पुलिस ज्यादतियों के खिलाफ न्यायिक जांच कराई जाए।

Scroll to Top