नई दिल्ली : कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद खत्म नहीं हो रहा। वहीं बुशरा मतीन ने हिजाब में रहकर एक मिसाल कयाम की है। दरअसल हिजाब पहनने वाली 22 साल की बुशरा मतीन विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी की 16 गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली छात्रा बनी हैं।
एसएलएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, रायचूर से सिविल इंजीनियरिंग स्नातक बुशरा मतीन ने विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में ये पदक हासिल किए हैं। बुशरा का यह खिताब हिजाबी लड़कियों से नफरत करने वाला के लिए करार जवाब है। मुस्लिम लड़कियां हिजाब में रहकर ही अपने मकसद को हासिल कर सकती है।
बता दें कुल 9.73 के संचयी ग्रेड बिंदु औसत (GPA) के साथ उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग शाखा में प्रथम स्थान हासिल किया है। इतना ही नहीं सिविल इंजीनियरिंग विभाग की छात्रा बुशरा मतीन ने 16 स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा है।
बुशरा मतीन विश्वविद्यालय के इतिहास में सर्वोच्च पदक विजेता बनी हैं क्योंकि इससे पहले विश्वविद्यालय के पास सर्वाधिक 13 स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड था। कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने बुशरा मतीन को 16 स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उच्च शिक्षा मंत्री अश्वथ नारायण, कुलाधिपति प्रो. करीसिद्दप्पा भी मौजूद थे।
Congratulations Bushra! 👏🏽👏🏽👏🏽✨✨✨
Apparently academic excellence & achievement and #Hijab are not mutually exclusive! Do we need to be ‘liberated’ from our prejudices 🤔 https://t.co/sGWCC5UqhF— Swara Bhasker (@ReallySwara) March 6, 2022
वहीं इसी महीने आठ फरवरी को कर्नाटक के एक कॉलेज में छात्राओं और हिंदुत्तवादी दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोगों के बीच टकराव की नौबत आ गई थी। आठ फरवरी को कर्नाटक के मंड्या स्थित पीईएस कॉलेज में बीबी मुस्कान नामी एक छात्रा अपना असाइनमेंट जमा करने पहुंची थीं।
वहां पर मौजूद भगवा गमछाधारियों ने उन्हें घेर लिया और जय श्री राम के नारे लगाने लगे। इसके जवाब में मुस्कान ने भी नारा लगाया। इस घटना के बाद हिजाब का ये मुद्दा कर्नाटक के सभी स्कूल-कॉलेजों तक पहुंच गया. अब ये मामला कोर्ट में है और हिजाब के साथ पढ़ाई को लेकर छात्राओं का संघर्ष भी जारी है।
