कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन ने इस बार ईद को भी फीका कर दिया. सोशल डिस्टेंसिंग की लक्ष्मण रेखा ने लोगों को गले लगकर बधाई देने और खुशियां बांटने तक का मौका नहीं दिया. लोग ना तो बाजारों में नजर आए और ना ही मस्जिदों में.
सड़कों से लेकर मस्जिदों तक में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया. लोगों ने घरों पर ही रहकर इबादत की. मस्जिदों में भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा करते दिखे.
दिल्ली की जिस जामा मस्जिद में ईद पर भारी संख्या में लोग जमा होते थे, इस बार वहां भी कोई चहलकदमी नहीं दिखी.
पुरानी दिल्ली की सड़कों पर हर तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आया करती थी लेकिन इस बार सब कुछ अलग था. इक्का-दुक्का लोग ही मास्क पहन सड़कों पर दिखाई दिए लेकिन उनके चेहरे पर भी मायूसी ही थी.
ईद की सेवइयों में इस बार ना तो वो मिठास रही और ना ही पहले जैसा उत्साह. शायद ही पहले किसी ने ईद पर पूरी दुनिया में पसरे ऐसे सन्नाटे की कल्पना की होगी.
संक्रमण फैलने के डर से सरकार ने मस्जिदों में लोगों के इकट्ठा होकर नमाज पढ़ने पर रोक लगा रखी है. वायरस का डर इतना ज्यादा है कि लोग गले मिलना तो दूर हाथ मिलाने से भी कतरा रहे हैं(इनपुट आजतक)
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