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त्रिपुरा जेल से रिहाई के बाद मौलाना अल्लामा कमर और उनके वकील महमूद प्राचा का समर्थकों ने किया शानदार स्वागत

admin

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25 November 2021 (Publish: 04:14 PM IST)

नई दिल्ली:(रुखसार अहमद) त्रिपुरा में जिस तरह की घटनाएं हुई उससे पूरा देश शर्मशार है, उससे भी शर्म की बात ये है की जिन लोगों ने त्रिपुरा हिंसा की सच्चाई दिखाई या हिंसा का जायजा लेने पहुंचे उन्हीं के ऊपर UAPA लगा दिया गया। साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

जिसमें तहरीक-ए-फरोग इस्लामी के सदर अल्लामा कमर गनी उस्मानी समेत उनके चार साथी शामिल थे। 19 दिन तक सभी जेल में बंद रहे। उसके बाद 23 नवंबर को त्रिपुरा की अदालत ने सभी को बरी कर दिया।

तहरीक-ए-फरोग इस्लामी के लोगों के केस की पैरवी सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा कर रहे थे। जमानत मिलने के बाद सभी दिल्ली पहुंचे और उनके तंजीम के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

वहीं महमूद प्राचा साहब का भी बेहतरीन तरीके से स्वागत किया गया। UAPA लगने के बाद एक साल से पहले जमानत मिलना मुश्किल हो जाता है, लेकिन महमूद प्राचा ने अपनी काबिलियत से 19 दिनों में सभी को जमानत दिलवाई। मिल्लत टाइम्स ने इन लोगों से खास बातचीत की जिसमें इस घटना से जुड़े मसले को उन्होंने शेयर किया।

अल्लामा कमर गनी उस्मानी जो तहरीक-ए-फरोग इस्लामी के सदर ने उन्होंने बताया कि जो लोग फोटो खिंचकर, घूमकर और लोगों को रुपये बांटकर चले आए उनपर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की गई।

लेकिन जिन लोगों ने त्रिपुरा हिंसा की सच्चाई लोगों तक पहुंचाई उनके खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम उठाए। उनमें तहरीक-ए-फरोग इस्लामी के लोग भी शामिल थे। उन्होंने त्रिपुरा हिंसा का जायज लिया था। उनकी कोशिश थी कि वह कोर्ट तक सभी मसलों को लेकर जाए। किस तरह मुसलमानों के साथ हुआ है, वह सभी मुद्दों को उठाए। लेकिन हमें वहां पुलिस ने डिटेन कर लिया और हम पर UAPA लगा दिया। सभी मौलना ने एक बात कही की हमे हक और इंसाफ के लिए एक साथ खड़े रहना है और साथ लड़ना है।

वहीं अल्लामा कमर गनी जो की तहरीक-ए-फरोग इस्लामी के सदर है उन्होंने जेल में रहते हुए एक आदिवासी लड़के की जमानत करवाई। कैदी का नाम प्रभात है, उसपर साइकिल चोरी का करने का आरोप था, और वो अपनी मुकम्मल सज़ा भी काट चुका था।

मगर ज़मानत करवाने के लिए पैसे और कोई जमानती ना होने की वजह से वो जमानत के बाद भी जेल में था। यह बात जब अल्लामा कमर गनी को पता चली तो उन्होंने उस जेल के जेलर से बात करके अपने पैसो से उस व्यक्ति की जमानत करवाई।

बता दे मौलाना कमर गनी उस्मान वही शख्स है जो त्रिपुरा के हिंसा प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे थे। जहां से पुलिस के द्वारा उन्हें और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

अल्लामा कमर गनी और उनके साथियों पर UAPA लगा दिया गया जिसके चलते उन्हें धर्मतला थाने से 23 नवंबर को कोर्ट के सामने पेश किया गया था फिलहाल वो जमानत पर बाहर है।

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