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एमएसपी कमेटी पर संयुक्त किसान मोर्चा ने उठाए सवाल, कहा-आंखों में धूल झोंक रही सरकार

admin

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19 July 2022 (Publish: 09:46 AM IST)

नई दिल्ली: MSP के मुद्दे पर किसान एक बार फिर मोदी सरकार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं। दरअसल संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी को लेकर सरकार की ओर से गठित कमेटी को खारिज कर दिया है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि यह कमेटी MSP के लिए नहीं है। पहले से मिल रही MSP को और प्रभावशाली बनाने के लिए बनाई गई है। किसानों की आंखों में धूल झोंका जा रहा है। किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने आरोप लगाया कि इस कमेटी में कथित किसान नेताओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने तीन नए कृषि कानूनों का समर्थन किया था।

किसान नेता हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमने ऐसी कमेटी की मांग नहीं की थी। हमने सिर्फ MSP पर आधारित कमेटी मांगी थी। उन्होंने कहा कि कमेटी का समय क्या होगा? कमेटी के पास क्या अधिकार होंगे? इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया। यह कमेटी MSP पर कोई काम नहीं कर पाएगी। यह कमेटी सिर्फ कागजों में रह जाएगी।

वहीं  SKM नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि जिसका डर था वही हुआ। सरकारी कमेटी के नाम पर किसानों की आंख में धूल झोंकने की कोशिश की जा रही है। योगेंद्र यादव ने अपने ट्वीट में संदेह को सार्वजनिक किए हैं।

  • इस कमेटी के अध्यक्ष और सदस्य कौन होंगे? कहीं इसमें सरकार का बोलबाला तो नहीं रहेगा?
  • इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के अलावा अन्य किन किसान संगठनों को बुलाया जाएगा? कहीं सरकार अपने पिट्ठुओं से तो इसे नहीं भर देगी?
  • इस कमेटी का एजेंडा क्या होगा? क्या इसमें एमएसपी को कानूनी दर्जा देने पर विचार भी होगा? या कि इसे बातचीत से भी बाहर रखा जाएगा?

    योगेंद्र यादव ने कहा कि कमेटी के सरकारी नोटिफिकेशन से यह स्पष्ट है कि इस बारे में संयुक्त किसान मोर्चा के सभी संदेह सच निकले है:

    1. कमेटी के अध्यक्ष पूर्व कृषि सचिव संजय अग्रवाल हैं, जिन्होंने तीनों किसान विरोधी कानून बनाए और आखिर तक उनकी हिमायत की। उनके साथ नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद हैं, जिन्होंने इन तीनों कानूनों को ड्राफ्ट किया था।
    2. कमेटी में संयुक्त किसान मोर्चा के 3 प्रतिनिधियों के लिए जगह छोड़ी गई है। लेकिन बाकी स्थानों में किसान नेताओं के नाम पर सरकार ने अपने 5 वफादार लोगों को ठूंस लिया है, जिन सबने खुलकर तीनों किसान विरोधी कानूनों की वकालत की थी। यह सब लोग या तो सीधे बीजेपी आरएसएस से जुड़े हैं या उनकी नीति की हिमायत करते हैं।
    • कृष्णा वीर चौधरी, भारतीय कृषक समाज से जुड़े हैं और बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं।
    • प्रमोद कुमार चौधरी, RSS से जुड़े भारतीय किसान संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं।
    • गुणी प्रकाश, भूपेंद्र मान के किसान संगठन के हरियाणा अध्यक्ष हैं।
    • सैयद पाशा पटेल, महाराष्ट्र से बीजेपी के एमएलसी रह चुके हैं।
    • गुणवंत पाटिल, शेतकरी संगठन से जुड़े, डब्ल्यूटीओ के हिमायती और भारतीय स्वतंत्र पक्ष पार्टी के जनरल सेक्रेटरी हैं।

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