नई दिल्ली: फिलिस्तीन-इजरायल सीमा पर गोलीबारी में अल-जजीरा की पत्रकार शिरीन अबू अकलेह की मौत हो गई। वह एक मेहनती और निडर पत्रकार थी और फलस्तीनीओं पर हो रहे जुल्म की एक-एक खबर दुनिया तक पहुंचाती थी।
जजीरा ने कहा है कि पत्रकार शिरेन फिलिस्तीन में तैनात थी। मीडिया समूह ने इसके लिए इजरायली सेना को दोषी ठहराते हुए इसको कोल्ड ब्लडेड मर्डर करार दिया है।
एएफपी ने अल-जजीरा के हवाले से बताया है कि अबू की मौत उस वक्त हुई जब उन्होंने प्रेस की जैकेट पहनी हुई थी। दरअसल शिरीन वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में बुधवार को इसराइली छापेमारी को कवर करने के लिए पहुंची थीं।
एपी के मुताबिक शिरीन अकलेह अरबी भाषा के प्रसारक अल-जज़ीरा की जानी-मानी फिलिस्तीन महिला रिपोर्टर थी। बता दें गोली लगने के कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई थी।
फिलिस्तीन के एक अन्य पत्रकार के भी घायल होने की खबर है। एपी के अनुसार अल-क़ुद्स के लिए काम करने वाले इस फलस्तीनी पत्रकार की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
कतर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने इसराइली सेना पर हत्या का आरोप लगाया है। चैनल पर दिखाए बयान में अल-जज़ीरा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे उनकी सहयोगी अबु अकलेह को जानबूझकर मारने के लिए इसराइली बलों की निंदा करे और उनकी जिम्मेदारी तय करे।
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Shireen Abu Akleh’s colleagues at Al Jazeera’s bureau in the occupied West Bank express shock and grief after the news of her killing by Israeli occupation forces.
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— Al Jazeera English (@AJEnglish) May 11, 2022
